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Blood Moon 2021: ब्लडमून, सुपरमून आज, सामान्य आकार से काफी बड़ा दिखाई दे रहा है चंद्रमा

Wed, 26 May 2021 09:08 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो चंद्र ग्रहण होता है और जब चांद पूर्ण ग्रहण युक्त होता है तो ब्लड मून दिखता है। ये एक खगोलीय घटना है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा की रोशनी को ढक लेती है, जिससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से टकराकर चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल नजर आता है।
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blood moon
बुद्ध पूर्णिमा की रात सुपरमून दिखाई दे रहा है। दुनिया के कई देशों में इसकी खूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं। दरअसल आज, चंद्रग्रहण, ब्लडमून और सुपरमून तीनों एक साथ नजर आए। यह खगोलीय घटना छह साल बाद हुई है, जिसको लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। सुपर मून में चंद्रमा का आकार सामान्य पूर्णिमा की तुलना में कुछ बड़ा और अधिक चमकदार नजर आता है।  
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blood moon - फोटो : self
ब्लडमून कैसे बनता है?
जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आती है तो चंद्र ग्रहण होता है और जब चांद पूर्ण ग्रहण युक्त होता है तो ब्लड मून दिखता है। ये एक खगोलीय घटना है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा की रोशनी को ढक लेती है, जिससे सूर्य की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से टकराकर चंद्रमा पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल नजर आता है।
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Blood Moon Eclipse
ऐसा दिखाई देता है सुपरमून
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार सुपरमून में चंद्रमा तकरीबन 30 फीसदी अधिक चमकीला नजर आता है और लगभग 14 प्रतिशत अपने सामान्य आकार से बड़ा दिखाई देता है। परंतु वास्तव में चंद्रमा का आकार बड़ा नहीं होता है, बल्कि पृथ्वी से इसकी निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है। क्योंकि इस घटना में चंद्रमा और पृथ्वी की दूरी सबसे कम हो जाती है।

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blood moon
क्या होता है सुपरमून?
सुपरमून पृथ्वी से दिखाई देने वाला चंद्रमा का एक बड़ा आकार है। दरअसल चंद्रमा की पृथ्वी के चक्कर काटने की कक्षा अंडाकार है। इस वजह से कई बार यह पृथ्वी के काफी पास तक आ जाता है, जिससे हमें उसका आकार सामान्य से बड़ा दिखाई देता है। यदि पूर्णिमा तिथि के दिन ऐसा हो तो इसे सुपरमून के नाम से जाना जाता है। 
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blood moon
कब लगता है सुपरमून?
सुपरमून का संबंध पूर्णिमा तिथि से है। यानि जिस दिन पूर्णिमा (Full Moon) तिथि हो और चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकटतम बिंदू पर हो तो इस स्थिति में ही सुपरमून लगेगा।
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Blood Moon Eclipse
खगोल विज्ञान में सुपरमून
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। चंद्रमा का ऑर्बिट (कक्षा) अंडाकार होने की वजह से चंद्रमा और पृथ्वी के सबसे दूर बिंदू को एपोजी (Apogee) जबकि सबसे नजदीक बिंदु को पेरीजी (Perigee) के नाम से जाना जाता है। इस स्थिति में सुपरमून तब होगा जब चंद्रमा पेरीजी पर पहुंचता है। जबकि एपोजी पर यह माइक्रोमून (Micro Moon) कहलाता है।
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