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निगम चुनाव में शिवसेना आगे, MIM का खुला खाता

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कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) चुनाव में शिवसेना ने भाजपा को पछाड़ दिया है। मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले हुए इस सेमीफाइनल मुकाबले में कांग्रेस और एनसीपी ने जहां एकजुट होकर ताल ठोंका था वहीं भाजपा-शिवसेना ने एक दूसरे को चुनौती दी थी।
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चुनाव का दिलचस्प पहलू यह रहा कि अकबरुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम ने अपना खाता खोला जबकि बीएसपी ने एक सीट निर्विरोध हासिल किया। केडीएमसी की 122 सीटों में से 51 सीटें शिवसेना और 43 सीटें भाजपा के खाते में आईं। पिछली बार भाजपा की 9 सीटें थी लेकिन इस बार एक समर्थित उम्मीदवार सहित गांव समिति के 5 उम्मीदवारों की जीत के साथ पार्टी की जीत का आंकड़ा 49 सीटों पर पहुंच गया।

शिवसेना व भाजपा के अलग-अलग लड़ने से मनसे को काफी नुकसान उठाना पड़ा और उसे मात्र 9 सीटों से संतोष करना पड़ा। हालांकि भाजपा-शिवसेना में गठबंधन न होने से मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे कल्याण में किंगमेकर की भूमिका में उभरे हैं।
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बहुमत के आंकड़े से दूर शिवसेना

वहीं कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को क्रमश: चार और दो सीटों विजय हासिल हुई है। एमआईएम ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है। इसके अलावा 5 अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बाजी मारी है, दो सीटों पर चुनाव नहीं हुए थे। जबकि कोल्हापुर के नतीजे केडीएमसी के चुनावी नतीजों के विपरीत रहे हैं। यहां कांग्रेस-एनसीपी ने 81 में से 42 सीटें जीतकर अपना गढ़ कायम रखा है।

भाजपा गठबंधन यहां 32 सीटें ही प्राप्त कर सका है। यहां शिवसेना को महज चार सीटें ही हासिल हुई हैं।केडीएमसी चुनाव में शिवसेना ने भले ही अधिक सीटों पर जीत हासिल कर ली हो लेकिन बहुमत के आंकडे़ (61 सीटों) से दूर है। निकाय चुनाव में मिली करारी शिकस्त पर एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि दोनों ने मिलकर कल्याण-डोंबिवली से विपक्ष को खत्म कर दिया है।
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