मुंबई हमले के दोषी आतंकी अजमल आमिर कसाब का फोटो लगाकर मथुरा के एआरटीओ कार्यालय से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया था। इस खुलासे के बाद मथुरा एआरटीओ के एक आरआई व दो क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया था और उन्हें जेल काटनी पड़ी थी। अब तीनों बहाल हैं लेकिन कसाब को फांसी दिए जाने के बाद इस मामले की चर्चा फिर ताजा हो गई।
मथुरा स्थित एआरटीओ कार्यालय से 20 जून 2009 को कृष्णानगर के एक व्यक्ति के पते के कागजात लगाकर उसमें आतंकी अजमल आमिर कसाब का फोटो लगाकर फर्जी लाइसेंस जारी किया गया था। 18 सितम्बर 2009 को इसका खुलासा किया गया था। आतंकी अजमल आमिर कसाब का फोटो लगाकर फर्जी लाइसेंस जारी होने के बाद से प्रदेश के सभी एआरटीओ कार्यालय में सनसनी मच गई।
इस मामले में एआरटीओ कार्यालय मथुरा के आरआई हरेन्द्र सिंह चाहर, वरिष्ठ लिपिक जगदीश रावत व माखन सिंह को सस्पेंड कर दिया और जेल की हवा खानी पड़ी। बाद में तीनों को जांच जारी रखते हुए कोर्ट ने बहाल कर दिया। इसके बाद से देश के हर जनपद में मथुरा से बने फर्जी लाइसेंस जारी होने को लेकर एलर्ट कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस में चालकों के पद पर भर्ती हुए 230 लोग मथुरा से बने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर नौकरी करते पाए गए। जांच के बाद उन्हें निकाल दिया गया। इसके बाद मथुरा से जारी विभिन्न न्यायालयों में एक्सीडेंटल क्लेम व अन्य मामलों को लेकर दोबारा जांच कराने की प्रक्रिया कराई गई जो आज तक जारी हैं। इसके बाद से प्रदेश सरकार ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को ऑन लाइन करने जा रही हैं।