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इस मामले में पाक-बांग्लादेश से भी पीछे है भारत

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भारत में भले ही विकास की राह पर आगे बढ़ने के बडे़-बडे़ दावे किए जा रहे हों, मगर हकीकत यह है कि उसके यहां लोग खुशहाली के मामले में पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी काफी पीछे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 158 देशों का खुशहाली सूचकांक, 2015 जारी किया गया है जिसमें भारत को 117वां स्थान हासिल हुआ है। जबकि 2013 में इस सूचकांक में भारत का स्थान 111वां था।
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संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक पहल के तहत सतत विकास समाधान नेटवर्क (एसडीएसएन) द्वारा तैयार इस वैश्विक खुशहाल रिपोर्ट, 2015 में स्विट्जरलैंड को दुनिया का सबसे खुशहाल देश बताया गया है। शीर्ष पांच में इसके अलावा आईसलैंड, डेनमार्क, नार्वे और कनाडा शामिल हैं।

इस सूची में भारत का स्थान काफी नीचे यानी 117 है, जिसकी रैंक पाकिस्तान (81) और फलस्तीन (108), बांग्लादेश (109) और यूक्रेन (111) व इराक (112) से भी नीचे है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘खुशहाली में बढ़ोतरी का मतलब है कि सामाजिक प्रगति और आम नीतियों का लक्ष्य हासिल हो रहा है। किसी देश का खुशहाली सूचकांक उस देश की प्रगति और लोगों के प्रभावी तरीके से रहन-सहन को जाना जा सकता है।’ सूचकांक में बाकी प्रमुख देश अमेरिका 15वें, ब्रिटेन 21वें, सिंगापुर 24वें, सऊदी अरब 35वें, जापान 46वें और चीन 84वें स्थान पर हैं।
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जीडीपी को बनाया आधार

इन देशों की खुशहाली रैंकिंग के लिए प्रति व्यक्ति जीडीपी, जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सहयोग और चयन की आजादी के आंकड़ों को आधार बनाया गया है।

दयनीय देशों की सूची में टोगो जैसे देश वहीं, खुशहाली सूचकांक के आखिरी दस देशों की हालत दयनीय है। इस सूची में अफगानिस्तान और गृहयुद्ध से जूझ रहे सीरिया और अफ्रीका के आठ उप सहारा देश टोगो, बुरुंडी, बेनिन, रवांडा, बुर्किना फासो, आइवरी कोस्ट, गिनी व चाड जैसे देश शामिल हैं।
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