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लड़की भगाने के बदले महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया

Mon, 18 May 2015 02:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहजहांपुर
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शाहजहांपुर के बड़ा हरेवा गांव में लड़की भगाने के प्रतिशोध में निर्लज्जतापूर्वक पांच महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने की घटना के एक दिन बाद गांव में दिनभर अफसरों और नेताओं की गाड़ियां पहुंचती रहीं। इसी बीच आरोपियों ने अब पीड़ितों के घर जलाने की धमकी दी है।
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कार्रवाई के नाम पर अब तक चार पुरुष और एक महिला को जेल भेजा जा चुका है और छह महिलाओं समेत 22 के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। धानुक (दलित) बिरादरी के पीड़ित परिवार का कहना है कि गांव में कश्यप बिरादरी के लोग अब उन्हें धमका रहे हैं कि पुलिस के लौटते ही उनके घर जला दिए जाएंगे।

निर्वस्त्र की गई महिलाएं जो भी आया उनके सामने रोती रही। उनका कहना था कि वे अब वह गांव में निकल भी नहीं सकतीं, बेहतर होता हमलावर उन्हें गोली मार देते। डीआईजी और कमिश्नर ने पीड़ित पक्ष को आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी लिप्त हैं उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
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नाबालिक और भगाने वाला दोनों फरार

विवार को पोखेलाल की ओर से एक ओर तहरीर दी गई। इसमें ऋषिपाल, मुकेश, दिनेश, रामसेवक, झग्गदम, राजीव, वकील, संतराम, रामौतार, अवधेश, रामदेश और छब्बे को नामजद किया गया है।

पुलिस ने यह सभी नाम भी विवेचना में शामिल कर लिए हैं। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद समेत कई नेताओं ने भी रविवार को गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

उधर, शुक्रवार को नाबालिग लड़की को अगवा करने की घटना के बाद कार्रवाई के डर से फरार हुए युवक के परिवार के पुरुष समेत धानुक बिरादरी के एक दर्जन लोग अब भी गांव नहीं लौटे हैं। उन्हें पुलिस कार्रवाई का डर तो सता ही रहा है, साथ ही वे कश्यप बिरादरी के दबंगों से भी भयभीत हैं। वहीं आरोपी युवक और लड़की का भी अभी कोई सुराग नहीं लगा है।

मामले पर डीआईजी आरकेएस राठौर ने कहना है कि डीएम और एसपी रात से ही पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया है। बाकी को तलाश किया जा रहा है।

पीड़ित महिलाओं को एक-एक लाख की सहायता

जलालाबाद के बड़ा हरेवा गांव में निर्वस्त्र करके बेइज्जत की गईं पांचों महिलाओं को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक-एक लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी है।

इस बीच, डीएम शुभ्रा सक्सेना ने अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत पीड़ित महिलाओं को बतौर क्षतिपूर्ति 90-90 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। साथ ही रविवार को दोबारा हरेवा गांव जाकर पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बताया गया है कि अनुसचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत पीड़ित महिलाओं को रिपोर्ट दर्ज होने पर स्वीकृत क्षतिपूर्ति की धनराशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आरोपियों के विरुद्घ चार्जशीट दाखिल होने की प्रक्रिया पूरी होने पर पीड़ित महिलाओं को 90-90 हजार रुपये की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
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पुलिस के खौफ से गांव में सन्नाटा

रविवार को दिन में 11.30 बजे कमिश्नर प्रमांशु कुमार, डीआईजी आरकेएस राठौर, डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी आरपीएस यादव गांव बड़े हरेवा पहुंचे। कमिश्नर और डीआईजी ने पीड़ित महिलाओं से घटना की जानकारी ली।

पीड़ितों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। कमिश्नर और डीआईजी ने डीएम और एसपी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। शनिवार की घटना के बाद से कश्यप बिरादरी के पुरुष गांव से गायब हो गए हैं।

वहां भारी पुलिस बल के साथ पीएसी भी तैनात कर दी गई है। गलियों में सन्नाटा है। पुलिस ने इस मामले में शनिवार की रात पीड़ित मुन्नी की ओर से कमलेश देवी पत्नी सर्वेश, श्रीदेवी पत्नी रामसेवक, रेशमा पत्नी ऋषिपाल, मीना पत्नी राकेश, फूलमती पत्नी जयराम, वीरावती पत्नी रामसेवक, श्रीपाल, सर्वेश, राकेश और रनपाल आदि के खिलाफ धारा 147, 452, 323, 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट के तहत 3 (1) तृतीय और 3 (1) 11 में मुकदमा दर्ज कर लिया था। इनमें से कमलेश देवी, श्रीपाल, राकेश, रनपाल, सर्वेश को जेल भेज दिया गया है।
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