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मेकअप किट में चूहे का मल और इंसानी पेशाब, क्या अब भी करेंगे इस्तेमाल?

Mon, 18 May 2015 02:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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नकली मेकअप किट को फेकअप किट का नाम देते हुए ब्रिटेन की पुलिस ने इसके खिलाफ अभियान चलाया है जिसके तहत मारे गए छापों से सनसनीखेज हकीकत सामने आई है।
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कई मेकअप कंपनियों पर पड़े छापों के बाद जब्त प्रसाधनों की जांच से पता चला है कि इन नकली मेकअप प्रसाधनों में चूहों का मल, इंसानी पेशाब, साइनाइड और आरसेनिक तक मिलाया जा रहा है।

ये सभी चीजें बेहद आपत्तिजनक और जानलेवा है जिससे इन्हें प्रयोग करने वाले के जीवन खतरे में पड़ रहा है।


मेकअप में चूहे का मल हो सकता है खतरनाक

ब्रिटेन की सिटी ऑफ लंदन पुलिस ने एक छापे के दौरान ऐसे नकली ब्यूटी प्रोडक्टस बरामद किए। इन नकली सामानो को लैबोरट्ररी में जांच के लिए भेजा गया तो इसमें चूहे का मल, मानव पेशाब और साइनाइड और आरसेनिक जैसे खतरनाक केमिकल्स पाए गए।

इन नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स में आइलाइनर, मस्कारा, लिप ग्लॉस और फेस फाउंडेशन जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इन मेकअप प्रोडक्ट्स में केमिकल के नाम पर आरसेनिक, लेड और मरकरी मिलाया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार उसके पास ऐसी कई शिकायतें आई जिसके तहत उसे इन ब्यूटी प्रोडक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई करने को मजबूर होना पड़ा। लेकिन जब इनकी केमिकल जांच कराई गई तो अधिकारियों के होश उड़ गए।

डाक्टरों का कहना है कि इन नकली प्रसाधनों से उपयोगकर्ता की त्वचा पर सूजन, रेशेज, जलन और छाले होने का खतरा रहता है। कई लोगों की तो इन प्रोडक्ट्स को उपयोग करने के बाद स्किन जल कर गिरने लगी थी।

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वेकअप-डोंट फेकअप

ऐसा अंदाजा लगाया गया है कि ब्रिटेन में लगभग हर साल 90 मिलियन पाउंड तक इन नकली प्रसाधनों को बनाने में खर्च हो रहे है। खासकर ऑनलाइन शॉपिंग ने इसकी बिक्री को दोगुना कर दिया है।

पुलिस ने चेताया है कि ये नकली सामान सोशल मीडिया, ऑक्शन साइट्स, ऑनलाइन बाजार और कुछ ढगने वाली वेबसाइट्स पर आराम से बेचा जा रहा है।

इन नकली सामान से लोगो को जागरुक करने के लिए ब्रिटेन की पुलिस ने एक अभियान चलाया है जिसे वेकअप-डोंट फेकअप का नाम दिया गया है।
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