दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन 'दिल्ली जीएसटी संशोधन विधेयक 2021’ पारित कर दिया गया। सरकार का दावा है कि इस संशोधन के बाद व्यापारियों को टैक्स जमा करने में मदद मिलेगी। साथ ही टैक्स अदायगी में आसानी होगी। सरकार ने कहा है कि जो लोग नकली नामों या किसी दूसरे के नाम से छद्म कंपनी बनाकर टैक्स चोरी करते हैं, पकड़े जाने पर उनकी संपत्ति जब्त कर टैक्स वसूली की जाएगी।
जीएसटी संशोधन विधेयक पारित होने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि नए कानून के तहत व्यापारियों को अनेक फॉर्म भरने से मुक्ति मिलेगी। इससे उनकी टैक्स अदायगी आसान होगी और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगेगा, लेकिन जो व्यापारी जानबूझकर टैक्स चोरी करते हैं, सरकार उनके साथ सख्ती से निपटेगी।
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली जीएसटी (संशोधन) विधेयक 2021 व्यापारियों की कठिनाइयों को कम करने, जीएसटी की प्रक्रिया को सुगम बनाने और उन सभी लोगों को जवाबदेह बनाने के लिए लाया गया है। यह प्रस्तावित संशोधन विधेयक उन सभी लोगों पर लगाम लगाएगा जो करों की चोरी करते हैं।
सेक्शन 15 में व्यवस्था थी कि व्यापारियों को कंपल्सरी ऑडिट और रिकॉन्सिलिएशन ऑफ स्टेटमेंट देना जरूरी था। अब इस बाध्यता को हटा दिया गया है। सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर अगर कोई स्क्रूटनी होती है और किसी कारणवश गाड़ी सीज हो जाती है तो पहले सामान तब छोड़ा जाता था जब व्यापारी टैक्स और जुर्माना दोनों दे देता था। अब सामान की कीमत पर जुर्माना देना होगा। टैक्स अलग से देना होगा।