यूपी में अब बिजली चोरी पकड़ी गई तो दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। विद्युत नियामक आयोग की नई गाइड लाइन पर अमल शुरू हो गया है। इसके तहत यदि किसी घर में कटिया के जरिए बिजली इस्तेमाल का मामला पकड़ा गया तो एक किलोवाट लोड पर शमन शुल्क सहित करीब एक लाख रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।
बिजली चोरी पकड़ने पर अभी प्रति किलोवाट चार हजार रुपये शमन शुल्क और 46800 रुपये जुर्माना (कर निर्धारण) जमा करना पड़ता है। कनेक्शन होने के बाद भी अगर आप मीटर बाईपास, मीटर में गड़बड़ी या अन्य किसी तरह से चोरी कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में आपने जितने रुपये बिल के द्वारा एक साल में जमा किए हैं, वह राशि कर निर्धारण में से घटा दी जाती हैं।
अब होगा पहले से दोगुना जुर्माना
मगर, नियामक आयोग ने बिजली चोरी रोकने के लिए अब नया आदेश जारी कर दिया है। नए आदेश के तहत जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। चोरी के दौरान लोड एक किलोवाट से अधिक पाया गया तो जुर्माने की राशि उसी हिसाब से बढ़ती जाएगी। यह व्यवस्था जल्द ही लागू हो जाएगी।
विद्युत आपूर्ति संहिता 2005 में दोगुना जुर्माने की व्यवस्था पहले से ही थी। पहले शमन शुल्क जमा करने पर माना जाता था कि संबंधित व्यक्ति ने अपना दोष स्वीकार कर लिया है। इस कारण जुर्माने का एक ही भाग जमा कराया जाता था। अब नियम बदल गया है।
आरपीएस तोमर, मुख्य अभियंता (वितरण)।
जानिए क्या कहता है कानून
ज्यादातर ऐसे मामले
- कच्चे घर में कटिया डालकर बिजली चोरी
- बकाये पर कनेक्शन कटने के बाद फिर जोड़ लेना
- चोरी की बिजली से सिंचाई की मोटर चलाना
- घरेलू बिजली कनेक्शन व्यावसायिक इस्तेमाल
ये है कानून
बिजली चोरी करते पाए जाने पर अगर अब तय शमन शुल्क जमा नहीं करते हैं तो तीन माह से पांच साल तक ही सजा हो सकती है।
- धारा 135 विद्युत अधिनियम: कटिया डालकर, घरेलू बिजली का व्यावसायिक इस्तेमाल।
- धारा 136 विद्युत अधिनियम: बिजली के सरकारी उपकरणों को नुकसान पहुंचाना।
- धारा 137 विद्युत अधिनियम: विद्युत चोरी का सामान बरामद होने पर।
- धारा 138 विद्युत अधिनियत: मीटर से छेड़छाड़, काटे गए कनेक्शन को फिर जोड़ना।
- धारा 139 विद्युत अधिनियम: बिजली की बर्बादी करने जैसे मामलों में।
- धारा 140 विद्युत अधिनियम: बिजली के तार और अन्य उपकरण चोरी के मामले।