इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम महासिंगपुरा से सोमवार दोपहर से लापता दोनों मासूमों का शव मंगलवार सुबह मिला। दोनोें का शव शराब ठेके के पास एक खाली पड़े प्लाट में बने गड्ढे में उतराया मिला। आशंका है कि बच्चे शराब की बोतले बीनने के चक्कर में तालाब में डूब गए। गुस्साए ग्रामीणों ने शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर हंगामा किया और शव उठाने से इनकार कर दिया। वे जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे और समझाबुझाकर शांत कराया।
विज्ञापन
ग्राम महासिंगपुर में मौके पर मौजूद एसडीएम कमर
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम महासिंहपुरा निवासी महेंद्र का बेटा विनीत (5) व सरोवन सिंह का हार्दिक उर्फ मयंक (3) सोमवार सुबह करीब 11 बजे घर के बाहर खेलते समय रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद भी वे नहीं मिले तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई।
इसी बीच मंगलवार सुबह पंचायत घर के पास चकरनहर थाना क्षेत्र के अहेरिया गांव निवासी ताहर सिंह के खाली पड़े प्लाट में बने गड्ढे में ग्रामीणों ने बच्चों का शव देखा। प्लाट के पास ही देशी शराब का ठेका भी है।
ग्रामीणों ने दोनों बच्चों का शव बाहर निकाला और पंचायत घर के पास रखवाकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि गांव में शराब ठेका खुलने का विरोध किया था। इसके बाद भी ठेका खुल गया। ऐसे में बच्चे शराब की बोलते बीनने के चक्कर में प्लाट में बने गड्ढे के पास गए और डूब गए।
प्लाट का निरीक्षण करते पुलिस अफसर।
- फोटो : अमर उजाला
धरने की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी चकरनगर कमर सिद्दीकी, क्षेत्राधिकारी विकास जायसवाल, क्षेत्राधिकारी चकरनगर उत्तम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के साथ शवों को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और शवों के साथ डटे रहे।
तकरीबन साढ़े चार घंटे चली जद्दोजहद के बाद उपजिलाधिकारी चकरनगर ने जिलाधिकारी से बात की। जिलाधिकारी ने ठेका हटवाने का आश्वासन दिया। डीएम के आश्वासन की जानकारी मिलने पर ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने दोनों मासूमों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस ने दोनों बच्चों की मौत का मामला इत्तेफाकिया में दर्ज किया है। मौके पर बकेवर थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष नीरज शर्मा, सराहार थानाध्यक्ष देवप्रकाश रावत, लवेदी अनिल यादव भरथना पुलिस के साथ पीएसी बल भी मौजूद रहा।
तीऩ बहनों में अकेला था हार्दिक
ग्राम महासिंहपुरा में लापता से बालकों के शव गांव में ही एक प्लाट में डूबे मिले। हार्दिक उर्फ मयंक तीन बहनों में अकेला था। सरोवन सिंह की तीन पुत्रियां तुलसी 18 वर्ष, गोल्डी 14 वर्ष, काजल 9 वर्ष हैं। इसके बाद हार्दिक की पैदाइश हुई थी। वह सभी का लाडला था। इस हादसे से परिवार के लोग सदमे में हैं। तीनों बहनों का भी भाई के इस तरह जाने पर बुरा हाल है।
रात में पुलिस ने किया था मामला दर्ज
थाना पुलिस ने ग्राम महासिंहपुरा के गायब बालक के मामले में अज्ञात लोगों के विरुद्ध गायब कर देने का मामला दर्ज किया था। ग्राम महासिंहपुरा गांव के विनीत के ताऊ मोहर सिंह पुत्र रामप्रकाश के प्रार्थनापत्र पर सोमवार रात्रि में 363 के तहत मामला अज्ञात में दर्ज कर लिया गया था।
शराब की खाली बोतलें उठाने जाते हैं गांव के बच्चे
महासिंगपुर गांव में देशी शराब का ठेेका है। खाली पानी भरा प्लाट ठेके के सामने है। बगल में पंचायत घर बना है। तमाम लोग पंचायत घर अथवा प्लाट की बाउंड्री पर बैठकर शराब पीते हैं। खाली बोतल वहीं फेंक देते हैं। गांव के गरीब तबके केे बच्चे खाली बोतलों को उठाने पहुंच जाते हैं। दोनों मासूम भी खेल खेल में खाली बोतलें इकट्ठा करने के चक्कर में पानी में डूब गए, परंतु किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी। किसी ने न तो उनको वहां जाते देखा और न ही डूबते देखा। अगर किसी की नजर पड़ जाती तो शायद जान बच जाती।
ठेका हट जाता तो नहीं जाती मासूमों की जान
महासिंगपुर गांव में देशी शराब के ठेके का विरोध मार्च मेें भी हुआ था। महिलाओं और ग्रामीणों ने गांव से ठेेका हटाने की मांग को लेकर तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मुकदमा तो लिख लिया परंतु ठेका नहीं हटा। यदि यह शराब का ठेका हट जाता तो दो मासूमों की जान बच सकती थी।