छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। ताम्रध्वज साहू ने राज्य में व्यस्तता के कारण कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष पद से हटने की इच्छा जाहिर की थी। जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
सोनिया गांधी को भेजे गए अपने इस्तीफे में ताम्रध्वज साहू ने लिखा है कि मैंने कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ओबीसी के प्रतिबद्ध बड़े समर्थन के साथ-साथ जमीनी स्तर पर विभाग को मजबूत करने के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए लगातार अपने स्तर पर प्रयास किया है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को फैलाने के लिए सभी राज्यों में सभी स्तरों पर ओबीसी विभाग की समितियों का गठन किया है। आपके द्वारा सौंपी गई इस बड़े जिम्मेदारी के लिए मैं आपका सदैव आभारी रहूंगा और आपके आगे के निर्देशों का पालन करने के लिए हमेशा तैयार रहूंगा। कृपया अध्यक्ष पद से मेरा त्यागपत्र स्वीकार करें।
गौरतलब है कि ताम्रध्वज साहू को साल 2018 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष पद सौंपा था। उस समय ताम्रध्वज साहू दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद थे। ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद के भी दावेदार भी थे। छत्तीसगढ़ की राजनीति में साहू बड़ा चेहरा हैं। राज्य में करीब 16 प्रतिशत आबादी साहू समाज की है। जिसको साधने के लिए ही कांग्रेस ने साहू पर दांव खेला था।
साहू का सियासी सफरनामा
6 अगस्त 1949 को छत्तीसगढ़ के पटोरा जिले में मोहन लाल साहू और जियान बाई साहू के घर ताम्रध्वज का जन्म हुआ था। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। पेशे से किसान ताम्रध्वज ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत मध्यप्रदेश विधानसभा में 1998-2000 के बीच की थी। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद 2003 और 2008 के चुनाव जीतकर साहू छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य बने। वह 2000-2003 तक छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रहे। 2013 के चुनाव में वह अपनी बेमेतरा सीट से भाजपा के अवधेश चंदेल से हार गए। इसके बाद के लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के इकलौते विजयी प्रत्याशी बने। साल 2014 में मोदी लहर के बीच वह लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की दुर्ग सीट से जीत दर्ज कर सांसद बने। उन्होंने भाजपा की वर्तमान राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय को हराया था।