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Umaria Power Crisis: बिजली का दंश झेल रहे 20 गांव के ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम, जय जवान जय किसान नारे लगाए

Tue, 05 Sep 2023 07:49 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

सार

उमरिया में बिजली का दंश झेल रहे 20 गांवों के लोग एकत्र होकर हाइवे जाम दिया। साथ ही आक्रोशित लोगों ने बिजली विभाग मुर्दाबाद के नारे के साथ जय जवान जय किसान के नारे भी लगाए।
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बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से होकर गुजरने वाली नेशनल हाईवे 43 को बिजली का संकट झेल रहे लोगों ने जाम कर दिया। कटनी उमरिया खण्ड में बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दुग्बार मोड़ पर जवाहर नवोदय विद्यालय के सामने 20 गांवों के लोग एकत्र हुए। लगातार बिजली समस्या से परेशान लोगों ने बिजली विभाग मुर्दाबाद, जय जवान जय किसान और हमारी मांगे पूरी करो के जम कर नारे भी लगाए।

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जानकारी के मुताबिक 20 गांव के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चार सितंबर को जिला प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। कि यदि बिजली चालू नही हुई तो हम हाइवे जाम करेंगे और आज हाइवे को जाम कर दिया, घंटो जाम रहने से सैकड़ों वाहनों की लाइन दोनों तरफ लग गई।आम जन परेशान होते रहे हैं, बस, ट्रक, कार, जीप सभी वाहन खड़े रहें। ग्रामीणों की एक ही मांग थी कि बिजली आपूर्ति सही ढंग से हो, जले हुए ट्रांसफार्मर बदले जाए। पानी न गिरने से एक तरफ जहां भीषण सूखे की स्थिति हो गई है, जमीनों में दरारें पड़ गई है, वहीं, दूसरी तरफ बिजली न मिलने से किसान तबाही की ओर जा रहा है।

किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं, बिना बिजली बच्चों की पढ़ाई में बाधा
ग्रामीण बिजली विभाग से लेकर कलेक्टर, विधायक, मंत्री सभी के दरवाजे तक दौड़ रहा है, लेकिन किसानों की कोई सुनने वाला नही है। इतना ही नहीं बच्चों की भी पढ़ाई नहीं हो पा रही है। दूर-दराज के अंचलों से किसान अपनी फरियाद लेकर जब कलेक्टर कार्यालय पहुंचता है तो एडीएम भगा देते हैं, बिजली विभाग के अधिकारी बात ही नहीं करते हैं। जिले से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के बंगले पर जब अपनी फरियाद लेकर जाते हैं तो वहां वो जनता से मिलना मुनासिब नही समझती हैं, पुलिस वहां से भी भगा देती है।
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किसानों का आरोप- तीन-तीन वर्षों से जले हुए ट्रांसफार्मरों को कोई देखने वाल नहीं
यह समस्या बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र भर की नहीं है, मानपुर विधानसभा क्षेत्र में तो और भी बुरी स्थिति है, वहां तो कई गांव ऐसे हैं जो वर्षों से बिजली ही नहीं देखे हैं। कुछ गांवों में तीन-तीन वर्ष से ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। आज तक बिजली विभाग के लोग, वहां तक पहुंचे ही नहीं। ग्रामीण कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों पर पैसे लेकर ट्रांसफार्मर बदलने का भी आरोप लगा चुके हैं। वहीं, दूसरी तरफ बाह्य विद्युतीकरण के नाम पर 100 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप भी जनजातीय मंत्री पर लग चुका है। मानपुर जनपद पंचायत और पाली जनपद पंचायत में बिजली के नाम पर कागजों में करोड़ों रुपये व्यय किया जा चुका है फिर भी किसान बिजली के लिए रो रहा है।

किसानों का अल्टीमेटम- अगर फसल सूख गई तो हम आम चुनाव में फसल सुखा देंगे
एक तरफ अपने आप को किसान पुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री 24 घंटे बिजली देने के बड़े-बड़े वादे मंच से करते हैं तो वहीं, दूसरी तरफ जनता बिजली के लिए त्राहि त्राहि कर रही है। ऐसे में अभी तो एक क्षेत्र के किसानों ने हाइवे को जाम किया है, अब दूसरे तरफ भी किसान आक्रोशित होकर सड़क जाम करने की तैयारी में जुटे हैं। जब किसान आक्रोशित होता है तो जिला प्रशासन झूठे आश्वासन देकर शांत करने का प्रयास कर उनको चुप करवा देता है और बिजली विभाग भी सब्जी-बाग दिखाकर बिजली देने का झूठा वादा कर गायब हो जाता है। आज भी पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी बिजली देने का वादा कर किसानों का आंदोलन तो समाप्त करवा दिया। आक्रोशित लोगों ने कहा कि अब देखना होगा कि कितनी बिजली सरकार देती है। किसानों की फसल यदि सूख गई तो आने वाले चुनाव में भाजपा की फसल सूख जाएगी।

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