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Ujjain News: तपोभूमि में दिखे भगवान महावीर तीन रंग, केसर, चंदन औषधि, गन्ना चूर्ण और घी से हुआ महामस्तकाभिषेक

Tue, 28 Jan 2025 08:53 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

महावीर तपोभूमि में भगवान महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक तिरंगे के रंगों में आयोजित किया गया, जो राष्ट्रीय ध्वज से प्रेरित था। आचार्य प्रज्ञासागर मुनि के आशीर्वाद और मुनि 108 पूज्यसागर महाराज के सानिध्य में हुए इस भव्य आयोजन में भक्तों ने केसर, चंदन, औषधि और घी से अभिषेक किया।
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तपोभूमि पर भगवान महावीर का महामस्तकाभिषेक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तपोभूमि में भगवान महावीर तीन रंगों में दिखाई दिए जोकि राष्ट्रीय ध्वज जैसा था। सबसे पहले कलश महावीर भगवान के आयोजित हुए, जिसमें कलश में केसर, चंदन औषधि, गन्ना चूर्ण और घी से भी भगवान का अभिषेक किया गया। तपोभूमि प्रणेता आचार्य प्रज्ञासागर मुनि के आशीर्वाद से तपोभूमि के भगवान महावीर की विशाल प्रतिमा का प्रतिवर्ष होने वाला महा मस्तकाभिषेक मुनि 108 पूज्यसागर महाराज के पावन सानिध्य में हुआ।
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मीडिया प्रभारी सचिन कासलीवाल ने बताया कि कार्यक्रम में विशेष आकर्षण रंगाभिषेक रहा। महावीर तपोभूमि पर भगवान महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक देश के तिरंगा अभिषेक से हुआ। जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से महावीर तपोभूमि पहुंचे। पूरा कार्यक्रम देश भक्ति और धर्म भक्ति से साथ हुआ। आचार्य ने अपने प्रवचन में कहा कि पहले देशभक्ति होना चाहिए फिर धर्म भक्ति, देश सुरक्षित रहा तो धर्म सुरक्षित रहेगा। कार्यक्रम के बाद वात्सल्य भोज भी आयोजित किया गया।
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विशेष नृत्य का भी हुआ आयोजन
प्रज्ञा कला मंच की सांस्कृतिक प्रस्तुति प्रज्ञा पुष्प मंच की विशेष प्रस्तुति एवं तपोभूमि परिवार के सदस्यों द्वारा प्रत्येक अभिषेक पर विशेष डांस नृत्य किया गया प्रखर जैन एंड पार्टी इंदौर ने गीतों से क्षमा बांध दिया। ब्रह्मचारी अरुण भैया एवं संजय जैन नीमच संचालन किया। अभिषेक में पंडित सुशील गोधा, संजय जैन बालमुकुंद आदि का सहयोग रहा।



क्या होता है महामस्तकाभिषेक
महामस्तकाभिषेक दो शब्दों के मेल से बना है महा और मस्तकाभिषेक जिसका अर्थ होता है, बड़े स्तर पर आयोजित होने वाला अभिषेक। महामस्तकाभिषेक में जल, इक्षुरस, दुध, चावल का आटा, लाल चंदन, हल्दी, अष्टगंध, चंदन चुरा, चार कलश, केसर वृष्टि, आरती, सुगंधित कलश, महाशांतिधारा एवं महाअर्घ्य के साथ भगवान महावीर को समर्पित किया जाता है।
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