आगामी नववर्ष में मकर संक्रांति त्योहार पर चाइना मांझे पर सख्ती को लेकर प्रशासन ने एक दिसंबर 2023 से प्रतिबंध के आदेश जारी कर दिए गए हैं। चाइना मांझा बेचा भी तो धारा 188 में प्रकरण दर्ज कर मकान पर चलाया जाएगा बुलडोजर।
चाइना डोर पर पुलिस और प्रशासन हर साल प्रतिबंध लगाता है, लेकिन इसके बावजूद इसका विक्रय जारी है। इस वर्ष भी कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने एक दिसंबर 2023 को ही चाइना डोर पर प्रतिबंध के आदेश जारी कर दिए थे। इस बार पुलिस प्रशासन चाइना डोर बेचने वालों के खिलाफ तो धारा 188 में प्रकरण दर्ज तो करेगा ही, लेकिन इस डोर से पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ भी धारा 307 (जानलेवा हमले) की धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पतंगबाजी का शौक रखने वाले लोग सिर्फ यही चाहते हैं कि वे अधिक से अधिक पेच काट पाए और उनकी पतंग कभी नहीं कटे, जिसके लिए बाजार मे पिछले कुछ वर्षों में चाइना डोर का विक्रय लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन यह डोर आम लोगों और पक्षियों के लिए घातक साबित होती है जिससे पिछले कुछ वर्षों मे कई बेकसूरों की जान भी जा चुकी है। इस वर्ष भी कलेक्टर के आदेशों का पालन करते हुए जहां इस डोर के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार छापामार करवाई कर रही है, वहीं पुलिस प्रशासन ने चायना डोर का विक्रय करने वालों के खिलाफ धारा 188 व इस डोर से पतंग उड़ाने वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा 307 में प्रकरण दर्ज करने के बात कही है। भारतीय दंड विधान की धारा 307 के तहत अपराधी को 10 वर्ष से लेकर अधिकतम आजीवन कारावास की सजा भी हो सकती है।
चायना डोर बेचने वालों के तोड़े थे मकान
विज्ञापन
याद रहे, चाइना डोर का विक्रय करने वालों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहता है। पिछले वर्ष भी इस डोर का विक्रय करने वाले एक व्यापारी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उसका मकान तोड़ा गया था।
15 जनवरी 2022 को चाइना डोर के कारण जगोटी गांव की रहने वाली नेहा आंजना की 20 साल की लड़की अपने मामा के लड़के के साथ स्कूटी से डेंटल क्लीनिक जा रही थी। तभी जीरो पाइंट ब्रिज के पास कुछ लोग पतंग उड़ा रहे थे। ब्रिज से गुजरते समय वो चाइना डोर की चपेट में आ गई और उसका गला कट गया। आनन-फानन में उसे उज्जैन के अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान दूसरे दिन नेहा ने दम तोड़ दिया था।