टीकमगढ़ जिले में अपने एजेंटों का जाल फैलाकर जनहित क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की उगाही करने के बाद बैंक को बंद कर कर्मचारियों और अधिकारी भाग गए हैं। अपना पैसा पाने के लिए अब ग्राहक लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें पैसा नहीं मिल रहा है। जबकि इसके मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
इस बैंक में हजारों लोगों ने अपनी गाड़ी कमाई जमा की थी। हजारों लोगों ने पैसा जमा किया था। करीब चार महीने पहले कंपनी का दफ्तर बंद हो गया और कई एजेंट फरार हो गए। हितग्राहियों ने बताया कि समिति का टीकमगढ़ स्थित ऑफिस भी बंद हो चुका है और कर्मचारी भी गायब हैं, जिससे हम सभी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
लोगों ने शुक्रवार को टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन से एक रैली निकालकर टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे और पैसा दिलाने की मांग को लेकर के डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर के नाम सौंपे पर गए ज्ञापन में कहा गया है कि लस्टीनेस चिटफंड कंपनी से पैसा वापस दिलाया जाए। लोगों से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लोगों ने धोखाधड़ी करने वाले फर्जी सोसाइटियों पर सरकार की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की है।
इस मामले में टीकमगढ़ के तत्काल पुलिस अधीक्षक रोहित ने मामला दर्ज किया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। जिन्हें पुलिस अभिरक्षा में ए-क्लास का ट्रीटमेंट दिया गया था, जिसको लेकर विरोध हुआ था। अभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। उनके करोड़ों रुपये की संपत्ति को भी प्रशासन ने जब्त किया है। शनिवार को सैकड़ों की संख्या में ग्राहक नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।