टीकमगढ़ जिले के जतारा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गांव में एक नाबालिग बेटी का दिनदहाड़े एक व्यक्ति ने अपहरण कर लिया। बेटी का पिता पिछले 12 दिनों से जतारा पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। शुक्रवार की दोपहर वह टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, लेकिन चार घंटे इंतजार के बाद भी पुलिस अधीक्षक से मिलने की अनुमति नहीं मिली। अंत में आवक-जावक शाखा में आवेदन देकर गमगीन आंखों के साथ वह अपने घर लौट गया।
दरअसल, टीकमगढ़ जिले के जतारा थाने के अंतर्गत आने वाले एक गांव से 28 दिसंबर को एक नाबालिग बच्ची का अपहरण छतरपुर जिले के अलीपुर थाने के धरमपुर गांव में रहने वाले एक व्यक्ति ने किया। पीड़ित ने बताया कि जब वह अपने खेत पर गया था, उसी समय धरमपुर का रहने वाला एक व्यक्ति बाइक से आया और उसकी नाबालिग बेटी को जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गया। उसने इसकी सूचना तुरंत जतारा पुलिस थाने को दी। पुलिस ने कहा कि दो दिन बाद आना, नए वर्ष में तुम्हारा मामला दर्ज करेंगे, अगर हम 28 दिसंबर को मामला दर्ज करते हैं तो यह पेंडिंग में चला जाएगा। दो दिन बाद भी जब पीड़ित गया तो पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया।
जतारा पुलिस थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित पिता ने जतारा एसडीओपी और टीकमगढ़ के एसपी से मिलकर आवेदन देने का प्रयास किया। लेकिन, उसकी मुलाकात किसी से नहीं हो पाई। पुलिस अधीक्षक के दरबारी ने कहा कि एसपी साहब अभी मीटिंग में हैं।
पिता बोला- दरबारी एसपी से मिलने नहीं देते
पीड़ित पिता ने बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। बेटी के लापता होने के बाद से वह लगातार टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचता है और एसपी ऑफिस के बाहर बैठा रहता है। लेकिन, दरबारी उसे मिलने नहीं देते। वह कहते हैं कि आवेदन आवक-जावक शाखा में दे दो। शुक्रवार को भी पीड़ित इस उम्मीद से सुबह से बैठा था कि उसे एसपी मिलेंगे और वह अपनी फरियाद उन्हें सुना पाएगा। लेकिन, एसपी के दरबारियों ने मिलने से मना कर दिया और कहा कि साहब मीटिंग में व्यस्त हैं।
कार्रवाई के आदेश दूंगा
टीकमगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने कहा कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त थे। अब मैं पीड़ित पिता से जरूर मिलूंग और मामले में तुरंत कार्रवाई के आदेश दूंगा। अगर किसी थाना प्रभारी ने गलती की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।