वैक्सीनेशन को लेकर अब उज्जैन में भी प्रशासनिक सख्ती नजर आ रही है। उज्जैन नगर निगम प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि नगर निगम दफ्तर में तभी प्रवेश दिया जाएगा जब वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट दिखाएंगे।
उज्जैन नगर निगम में भी मंगलवार को सिर्फ उन लोगों को प्रवेश दिया गया जिन्होंने वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाया। निगम प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसमें कहा है कि जो भी व्यक्ति निगम कार्यालय में प्रवेश करेगा उसको सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इसके बाद ही उसे प्रवेश दिया जाएगा। आदेश का पालन करने के लिए मंगलवार को नगर निगम कर्मचारी मुख्य गेट पर खड़े हो गए। वहां पर नगर निगम में प्रवेश करने वाले प्रत्येक कर्मचारी और आमजन का टीका लगवाने का सर्टिफिकेट देखा गया। जिन्होंने सर्टिफिकेट दिखाया, उन्हें ही अंदर जाने दिया। जो सर्टिफिकेट नहीं दिखा सके, उनसे वैक्सीन लगवाने की अपील की गई।
लगातार कोशिशों के बाद भी कतरा रहे लोग
वैक्सीनेशन को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन ने अलग-अलग टीमें बनाई हैं जो जनजागरण कर लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके बावजूद अब भी लोगों में जागरुकता नहीं आ पा रही है। कुछ लोग ये सोचकर वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं कि कोरोना खत्म हो गया है अथवा वैक्सीन को लेकर उनके मन में भ्रांतियां हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन सुरक्षा कवच है। वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने के बाद व्यक्ति कोरोना की चपेट में नहीं आता और अगर वह पॉजिटिव भी होता है तो कुछ ही दिनों में ठीक हो सकता है।