राजगढ़ एसपी ने मौजूदा पत्रकारों व आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी साइबर सेल की टीम ने जो मेहनत की है वो रंग लाई है और हमें ऐसे लोगों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली है, जो अपने चोरी व गुम हुए मोबाइल फोन मिलने की आशा खो चुके थे।
उन्होंने कहा कि आज के इस डिजिटल युग में हर वर्ग का व्यक्ति कोरोना काल से ही अपने अधिकतम कार्यों को वर्क फ्रॉम होम के रूप में अंजाम दे रहा है और हर वर्ग के लोगों के पास अपनी जरूरत के मुताबिक एंड्राइड फ़ोन भी हैं, चाहे वह निचले स्तर से लेकर मिडिल क्लास फैमिली से ही क्यों न हो, महंगे लैपटॉप व कंप्यूटर से हटकर युवा अपने कार्यों को मोबाइल फोन से ही पूरे कर रहे हैं और उसमें उनके खून पसीने की भी मेहनत लगी हुई है।
उसी तारतम्य में राजगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र से मोबाइल फोन गुम होने और चोरी होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिन्हें हमारी साइबर सेल की शाखा को फॉरवर्ड किया गया, जिसकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे करके हमने वर्ष 2023 में लगभग 100 गुम व चोरी गए मोबाइल को ढूंढ निकाला और आज उन्हें उनके असली मालिकों को सौप रहे हैं।
साथ ही उन्होंने साइबर अपराध के प्रति सजग व जागरूक रहने को लेकर कहा कि डिजिटल युग में जिस तरह से हमारे काम आसान हुए हैं। इसके उसी तरह से दुष्परिणाम भी है, जिनका खामियाजा हमें आर्थिक व मानसिक रूप से भुगतना पड़ता है, इसलिए अंजान लिंक को शेयर व फारवर्ड करने के साथ-साथ उसपर क्लिक करने से भी बचें और किसी भी तराह के लोभ या लालच में न आएं, अन्यथा आप अपनी मेहनत की कमाई घर बैठे हुए भी गवां सकते हैं।
वहीं अपने गुम व चोरी हुए मोबाइल फ़ोन प्राप्त करने के लिए राजगढ़ जिले के अलग-अलग शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे असली मालिकों ने राजगढ़ पुलिस अधीक्षक व साइबर पुलिस की टीम का आभार व्यक्त किया।