मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट किया, 'परहित सरिस धर्म नहिं भाई।' बेटी शिवरानी के साहस को प्रणाम करता हूं। अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए इस बेटी ने सीधी में घटनास्थल पर नहर में छलांग लगाकर दो नागरिकों की जान बचाई है। मैं बेटी को धन्यवाद देता हूं। पूरे प्रदेश को आप पर गर्व है।'
वहीं, घटनास्थल पर पहुंचकर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सिलावट ने शिवरानी से मुलाकात की और उसके इस कार्य के लिए उसकी खूब तारीफ की। सिलावट ने शिवरानी से कहा, ‘‘पूरी सरकार जिंदगी भर आपकी ऋणी रहेगी।’’
शिवरानी ने बताया, ‘‘जब यह बस नहर में गिरी, उस वक्त मैं और मेरा भाई नहर के पास ही खड़े थे। हमने जैसे ही इस बस को नहर में गिरते देखा, तो मैंने और मेरे भाई ने अपनी जिंदगी की परवाह न करते हुए तुरंत नहर में छलांग लगा दी और दो लोगों को बचाया।’’
सीधी क्षेत्र की भाजपा सांसद रीती पाठक ने भी शिवरानी की बहादुरी की सराहना की है। सिलावट ने इस बस दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और मौके पर रहकर बचाव और राहत कार्य की निगरानी की। मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) रामखिलावन पटेल भी उनके साथ में थे।
मालूम हो कि मध्यप्रदेश के सीधी जिले में रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में यात्रियों से भरी यह बस मंगलवार सुबह पुल से नहर में गिर गई। हादसे में 16 महिलाएं व एक बच्चा सहित 37 लोगों की मौत हो गई। वहीं, घटना के बाद सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिनमें से कुछ खुद तैरकर नदी से बाहर आ गए।