मध्यप्रदेश में लोकसभा एवं विधानसभा के उपचुनावों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा के प्रदर्शन से खासे खुश हैं। उन्होंने कहा कि जोबट और पृथ्वीपुर में हमने जीत हासिल की है, जो पारंपरिक रूप से हमारी सीटें नहीं रही हैं। इन दोनों सीटों पर हमने नया इतिहास रचा है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
टीवी चैनलों से बातचीत में शिवराज ने कहा कि पृथ्वीपुर में हमेशा से कांग्रेस का कब्जा रहा है। सुनील नायक थे तो हम पृथ्वीपुर जीते थे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी भी जीत हासिल कर सकी थी। वहां हम 15 हजार से अधिक वोट से जीते हैं तो यह एक इतिहास रचने जैसा है। कई लोग तो कहते थे कि पृथ्वीपुर में मेहनत करना बेकार है। वहां कोई फायदा नहीं होने वाला। हम जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ गए। जनदर्शन भी किया। लोगों ने हमारी बातें सुनी और हमें जीत दिलाई। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
बसपा होती तो रैगांव भी जीत जाते
शिवराज ने कहा कि पृथ्वीपुर की जीत महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि उपचुनावों में तो वहां बसपा भी नहीं थी। पिछले चुनावों में बसपा ने वहां 31 हजार वोट जीते थे। राज्य में जहां भी बसपा के वोट होते हैं, वह कांग्रेस को मिलते हैं। इसके बाद भी भाजपा ने जीत हासिल की। अगर रैगांव की बात करें तो वहां भी बसपा का प्रभाव है। पिछले चुनाव में 16 हजार वोट बसपा को मिले थे। इस बार अगर बसपा होती तो नतीजे कुछ और होते।
जोबट की जीत बेहद खास
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोबट की जीत बेहद खास है। 2019 के लोकसभा चुनावों में हम पूरी ट्राइबल पट्टी हारे थे। जोबट में ही 18 हजार वोट से पीछे थे। वहां जीत हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण है। इस सीट पर 90 प्रतिशत से अधिक वोटर जनजातीय है और उन भाइयों ने हम पर भरोसा किया है। यह कांग्रेस का परंपरागत गढ़ रहा है, ऐसे में यहां जीत हासिल करना बहुत खास है। जनजातीय लोगों ने हम पर भरोसा किया, यह संतोषजनक है।