शिवपुरी के जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आई एक महिला की मौत हो गई। बताया जाता है कि महिला की यह सातवीं डिलीवरी थी। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया है, अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण महिला की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को पहले से छह बेटियां थीं और बेटे की चाह में यह उसकी सातवीं संतान थी।
महिला की मौत के बाद जिला अस्पताल में परिवारजनों द्वारा हंगामा भी किया गया। लेकिन जिला अस्पताल के सिविल सर्जन बीएल यादव ने बताया कि बच्ची पैदा होने के बाद प्रसूता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला बेहद कमजोर थी, अत्यधिक ब्लडिंग होने के चलते उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन नवजात बच्ची को भी अपने साथ ले गए।
घर पर हुई थी डिलीवरी बाद में लाए अस्पताल
बताया जाता है कि सिरसौद थाना क्षेत्र के लालगढ़ गांव की रहने वाली 28 साल की धनवंतरी शाक्य की डिलीवरी घर में हो गई थी। इसके बाद धनवंतरी की जब ब्लडिंग नहीं रुकी, तब परिजनों द्वारा धनवंतरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों के अनुसार, महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही डिलीवरी हो गई। इसके बाद उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद भी महिला की डिलीवरी होने के बाद उसकी ब्लीडिंग नहीं रुकी थी। इसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर उसके भर्ती कराया, लेकिन नर्सिंग स्टाफ भी महिला की ब्लीडिंग रोकने में नाकाम रहा। इसके बाद अत्याधिक ब्लीडिंग होने के चलते महिला की मौत हो गई।
पूर्व में छह बेटियों को दिया जन्म
बताया जाता है कि महिला धनवंतरी शाक्य पत्नी दिलीप शाक्य इससे पहले छह बच्चों को जन्म दे चुकी थी। यह सभी संतान बेटी के रूप में पैदा हुई थीं। बताया गया है छह बेटियों में से एक बेटी की पहले मौत हो चुकी है और शनिवार रात धनवंतरी ने एक और बेटी को जन्म दिया। इसके बाद धनवंतरी की मौत हो गई। परिवारजनों ने पहले हंगामा किया, लेकिन बाद में बिना पीएम कराए ही लाश ले गए।