परमार दंपती सुसाइड केस में एसआईटी जांच करेगी
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सीहोर जिले के आष्टा थाना क्षेत्र में मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा परमार की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि दोनों की मौत फंदे पर लटकने से दम घुटने के कारण हुई। हालांकि, फोरेंसिक रिपोर्ट अभी लंबित है।
पांच सदस्यीय एसआईटी जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने एसडीओपी आष्टा आकाश अमलकर के नेतृत्व में थाना प्रभारी रविंद्र यादव सहित पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। परिजनों के बयान अभी नहीं लिए गए हैं, क्योंकि वे शोक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। उनके फ्री होते ही पुलिस उनके बयान दर्ज करेगी।
पत्रों और व्यापारी की भूमिका की जांच
घटनास्थल से दो पत्र बरामद हुए हैं—एक टाइप किया हुआ और दूसरा हस्तलिखित। इन पत्रों की सत्यता की जांच की जा रही है। हस्तलिखित पत्र में आष्टा के व्यापारी पुनीत संचेती का नाम सामने आया है। पुलिस ने उसे थाने बुलाकर पूछताछ की है, लेकिन उसने क्या बयान दिया, इसका खुलासा नहीं हुआ है। टाइप किए गए पत्र में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ईडी अधिकारियों को नोटिस जारी कर सकती है।
पुराने रिकॉर्ड और अन्य बिंदु जांच के दायरे में
पुलिस मृतक मनोज परमार के पुराने रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है। इसके अलावा, आत्महत्या के पीछे संभावित कारणों का पता लगाने के लिए परिवार, संदिग्ध व्यापारी और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का बयान
टीआई रविंद्र यादव ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच में तेजी लाई गई है। व्यापारी पुनीत संचेती से पूछताछ की गई है और परिजनों के बयान जल्द दर्ज किए जाएंगे। एसआईटी घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।