सीहोर जिले में आष्टा के कारोबारी मनोज परमार सुसाइड मामले में सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ईडी की छापेमारी के बाद सुसाइड करने वाले मनोज परमार के बच्चों से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बात की थी। साथ ही उन्होंने मदद का भरोसा दिया था। राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और अन्य नेतागण मनोज परमार के इछावर स्थित गृहग्रसम हरसपुर पहुंचे। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं ने मनोज परमार के बच्चों को पांच लाख रुपये से भरी गुल्लक दी। साथ ही कांग्रेस ने परमार के बच्चों से आगे का खर्च उठाने का भी वादा किया है।
दरअसल, चार दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज परमार ने अपनी पत्नी के साथ खुदकुशी कर लगी थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें ईडी पर दबाव करने का आरोप लगाया था। इस मामले में मनोज परमार ने न्याय की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि मनोज परमार के बच्चों ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी। इसकी वजह से ईडी उन्हें परेशान कर रही थी। कांग्रेस का आरोप है कि यह सरकारी हत्या है। अब राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस नेता मदद को आगे आए हैं। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, उनके साथ पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, मनोज राजानी,पवन वर्मा पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉक्टर बलबीर तोमर, अखिल भारतीय कांग्रेस सदस्य हरपाल ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सिद्धार्थ कुशवाह, विक्रम मसताल शर्मा, आशिफ जकी, हरीश राठौर, कैलाश परमार, जितेंद्र शोभाखेड़ी, बलवान पटेल, सूरज सिंह ठाकुर आदि नेता गुल्लक लेकर परमार के घर पर पहुंचे।
इस गुल्लक में पांच लाख रुपये दिए। साथ ही बच्चों से मुलाकात की भी की है। उनसे बात कर हौसला बढ़ाया है। कांग्रेस पार्टी ने बच्चों को कहा है कि हम आपके साथ खड़े हैं। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि गुल्लक टीम के जिन बच्चों ने राहुल जी को स्नेह और सम्मान के साथ राहुल जी की भावनाएं समझी, उसका मैत्री सम्मान कांग्रेस पार्टी सदैव निभाएगी एवं उनका ध्यान रखेगी।
पढ़ाई का खर्च उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस मनोज परमार के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी। मनोज परमार के तीन बच्चे हैं। संतोष परमार सीहोर जिले के आष्टा के रहने वाले हैं। उन्होंने सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि बीजेपी की तरफ से उन पर दबाव था कि आप पार्टी ज्वाइन कर लें। इसके बाद ईडी की कार्रवाई बंद हो जाएगी। हालांकि बीजेपी इन आरोपों को खारिज करती रही है। परमार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोग लेने के आरोप थे। इसे मामले में ईडी जांच कर रही थी।