सीहोर जिले भर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित दस सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर जंगी प्रदर्शन किया। गीता भवन से कलेक्ट्रेट तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने नारेबाजी करते हुए विरोध रैली निकाली। अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ जिलाध्यक्ष उषा राठौर के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में धरना देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम का ज्ञापन कलेक्टर प्रवीण सिंह को दिया।
कलेक्टर से महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों की शिकायत करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने कहा कि अधिकारियों की अभद्रता अब सहन नहीं करेंगे और संपर्क एप पर काम भी नहीं करेंगे। शिशु मातृ मृत्यु दर आकड़े को घटाने के लिए हमने दिन-रात मेहनत की है। फिर हमें डराया जा रहा है, हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा।
अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका महासंघ जिलाध्यक्ष ऊषा राठौर ने कहा कि महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत जिले की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और मिनी कार्यकर्ता केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा दिए गए सभी प्रकार के विभागीय कार्यों को पूर्ण निष्ठा से कर रही हैं। अन्य विभागों के कार्य भी हमारे माध्यम से कराए जा रहे हैं। ऐसा कोई भी योजना या कार्यक्रम नहीं है, जिसमें हमारी सहभागिता न हो। किसी भी प्रकार की कोई भी जानकारी के लिए हर विभाग और एजेंसी ऑगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का उपयोग करते हैं। इसके बाद भी बहनों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार नहीं किया जाता है।
योजनाओं का नहीं मिलता है लाभ
सरकार हमें स्कीम वर्कर बताकर हमारी सुविधाओं का ध्यान नहीं रख रही है। दूसरी ओर हमारे ऊपर कार्रवाई के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा सारे शासकीय नियम लागू कर दिए गए हैं। जिलाध्यक्ष राठौर ने कहा कि हमारे बच्चों को शासन की योजनाओं के लाभ से भी वंचित रखा गया है। हम कहने को नौकरी कर रहे हैं, हमारे काम का समय निर्धारित होने के वाद भी किसी भी समय हमसे कोई भी जानकारी मांगी जाती है और कहीं भी ड्यूटी लगा दी जाती है। जरा सी चूक होने पर सेवा से पृथक कर दिया जाता है। जबकि आज जो शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर के आंकड़े हैं, उनमें जो कमी आई है, वह हमारी बहनों का प्रयास है। कुपोषण पर हमारी बहनें निरंतर प्रयास कर रही हैं।
यह है कार्यकर्ता सहायिकाओं की मांग
- संपर्क एप पर कार्य न कराया जाए। संपर्क एप पर कार्य न करने पर मानदेय में कटौती या अन्य कोई भी कार्रवाई न की जाए।
- अधिकारियों द्वारा किए जा रहे अभद्रतापूर्ण व्यवहार पर रोक लगाई जाए। मिनी आंगनवाड़ी कार्यकताओं को पूरा किया जाए और केंद्र के आदेशानुसार, 10 दिवस में फुल की कार्रवाई की जाए।
- कार्यकर्ता पद पर सहायिकाओं की पदोन्नति में आयु सीमा का बंधन हटाया जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपर वाइजर पद पर अनुभव एवं योग्यता के आधार पर आयु सीमा के बंधन को हटा कर पदोन्नति दी जाए। बीते 11 जून 2023 को हुई पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा के आदेश कर लागू किए जाए।
- रिटायरमेंट पर मिलने वाली राशि का लाभ आकस्मिक या किसी बीमारी या एक्सीडेंट से मृत हो रही कार्यकर्ता, सहायिका और मिनीकार्यकर्ता को दिया जाए। बीमारी के दौरान लिए गए अवकाश का मानदेय नहीं काटा जाए। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत जो स्कूलों में प्री-प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, उसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्राथमिकता दी जाए।
प्रदर्शन में यह रहे शामिल
प्रदर्शन में मुख्य रूप से भारतीय मजदूर संघ से अनिल शर्मा, वीर सिंह, बीके मिश्रा, जिला अध्यक्ष विनीत दुबे, अनूप चौधरी जिला महामंत्री जिला उपाध्यक्ष कृष्णा परमार, जिला अध्यक्ष उषा राठौर, संजीदा राठौर, प्रीति राठौड़, मेहनाज खान, रजनी विश्वकर्मा, याशिता धीमान, हेमलता राठौर, प्रभा शुक्ला, महादेवी रावत, बबीता बघेल, अनीता ठाकुर, पुष्पा तिवारी, ममता ठाकुर, रानी श्रीवास्तव, नसरीन खान, रंजन नारोलिया, आस्था स्वर्णालता, संध्या चौहान, सीता प्रजापति, मनीष राठौर, सविता गुप्ता, रीता कुशवाहा, भगवती, रेखा, दुर्गा, रामकली, आरती सहित इछावर, भैरूंदा, आष्टा, दोराहा, श्यामपुर, बुधनी, शाहगंज रेहटी जावर मेहतबाड़ा, मैना, अहमदपुर की समस्त मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल रही।