सहकारिता कर्मचारी संघ के आह्वान पर पूरे प्रदेश के सहकारिता विभाग के सभी कर्मचारियों के द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में 21 अप्रैल से आन्दोलन किया जा रहा है। विगत कई वर्षों से सहकारिता विभाग के कर्मचारियों के द्वारा शासन को लिखित में ज्ञापन सौंप कर अपनी तीन प्रमुख मांगों से अवगत कराते हुए निवेदन किया गया था, जिसमें अंकेक्षण अधिकारी एवं वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक के पदों का संविलियन, पदोन्नति हेतु सेवा नियम में संशोधन और उपअंकेक्षक के वेतन विसंगति को समाप्त करते हुए उन्हें 2800 या 3200 का ग्रेड पे स्वीकृत किया जाना था। चरणबद्ध आन्दोलन के दूसरे चरण में मंगलवार से 4 मई तक सामूहिक अवकाश का निर्णय फिलहाल 15 दिवस के लिये टाल दिया गया है।
ये जानकारी सहकारिता कर्मचारी संघ के जिला इकाई अध्यक्ष सुनील सक्सेना एवं सचिव विनोद कुमार जैन ने संयुक्त रूप से देते हुए बताया कि तीनों मांगों पर सहकारिता विभाग द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन जारी हो गया है। इसलिए शासन को समय प्रदान करते हुए तीन दिवस के सामूहिक अवकाश के निर्णय को स्थगित किया गया है। इन 15 दिवस तक सभी काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे, लेकिन गेट मीटिंग एवं नारे नहीं लगाए जायेंगे। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिवस में मांगों से संबंधित आदेश प्रसारित नहीं होते हैं, तो मध्यप्रदेश के समस्त संभाग, जिला एवं मुख्यालय के कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल हेतु बाध्य होंगे।