रहस्यों से भरे बटेश्वर के मंदिर

अमर उजाला

Tue, 2 May 2023

Image Credit : सोशल मीडिया

मुरैना से करीब 40 किलोमीटर दूर चंबल के जंगलों में 200 की संख्या में ऐतिहासिक मंदिर स्थित हैं.

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इन मंदिर समूहों को बटेश्वर के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और सती को समर्पित है. 

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जंगल में एक साथ स्थापित 200 विशालकाय मंदिरों में से अधिकतर मंदिर अब खंडहर हो चुके हैं. 
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बलुआ पत्थरों से बने अधिकांश मंदिर भगवान शिव को समर्पित हैं. मंदिर परिसर 25 एकड़ में फैला हुआ है. 
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कहा जाता है इन मंदिरों का निर्माण चौथी सदी में हुआ था, हालांकि कुछ इतिहासकारों के मुताबिक निर्माण 8 से 10वीं सदी के बीच हुआ था.

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बटेश्वर के अधिकांश मंदिर में एक जैसे शिवलिंग स्थापित हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि शिवलिंग साधना के लिए बनवाएं गए थे.

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इन मंदिरों की खोज 1882 में अलेक्जेंडर कनिंघम ने की थी, इसके बाद  प्रोफेसर माइकल मीस्टर ने यहां सर्वे किया. 
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बटेश्वर के मंदिरों की वास्तुकला इतिहास की उत्कृष्ट कारीगरी का नमूना है. जो कि पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है.
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मुरैना से बटेश्वर करीब 40 किमी दूर है, जहां सैलानी आसानी से पहुंचकर इन ऐतिहासिक मंदिरों को देख सकते हैं.

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