सतना कोर्ट ने पति की हत्या के आरोप में पत्नी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पत्नी ने पति की हत्या की थी। फिर प्रेमी की मदद से सबूत मिटा दिए। कोर्ट ने साथ देने वाले प्रेमी को भी पांच साल कारावास की सजा दी है।
सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश सतना यतेंद्र कुमार गुरु ने जनवरी 2021 में हुई शैलेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी उत्तरी पतेरी सतना की हत्या के मामले में मृतक की पत्नी सपना सिंह और उसके प्रेमी कमलेश सिंह पिता अरविंद सिंह निवासी ग्राम पवैया कोठी को दोषी करार दिया है। अदालत ने मृतक की पत्नी सपना सिंह को आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि कमलेश सिंह को 5 साल की कैद के साथ 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रकरण में राज्य शासन की तरफ से एडीपीओ बीएन शर्मा ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार शैलेन्द्र सिंह शराब दुकान में बतौर सेल्समैन काम करता था और सतना शहर के उत्तरी पतेरी में अपनी पत्नी सपना सिंह के साथ रहता था। 24 जनवरी 2021 की सुबह वह दुकान के लिए निकला, लेकिन लौटकर वापस नहीं आया। उसके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ थे। लिहाजा 25 जनवरी को उसके पिता देवेंद्र सिंह ने सिविल लाइन थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसकी तलाश जारी ही थी कि इसी बीच 31 जनवरी को कोठी निवासी देवेंद्र श्रीवास्तव ने कोठी पुलिस को उसके होटल के पास पाइप लाइन के लिए खोदी गई नाली में किसी के शव पड़ा होने की सूचना दी। पुलिस ने शव को शिनाख्त कराई तो पता चला कि वह लाश शराब दुकान के सेल्समैन शैलेन्द्र सिंह भदौरिया की है।
जांच के दौरान संदेह होने पर पुलिस ने मृतक की पत्नी से पूछताछ की तो उसके मित्र कमलेश सिंह के बारे में पता चला। पुलिस ने उसे भी रडार पर लिया तो कहानी खुलकर सामने आ गई। शैलेन्द्र की हत्या उसकी पत्नी सपना ने की और फिर कमलेश की मदद से सबूत छिपाने की साजिश रची गई। अदालत ने विचारण के बाद सपना को आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत दोषी करार दिया, जबकि कमलेश को सबूत मिटाने के आरोप में आईपीसी की धारा 201 के तहत सजा सुनाई गई।