शहर काजी ने बेटी को दिखाए जन्नत के सपने
महिला शाहिदा के पिता शेख इस्लामुद्दीन ने मामले की शिकायत एसपी से की है। उन्होंने बताया कि मेरी बेटी का वैवाहिक जीवन ससुराल में खुशहाली से गुजर रहा था। दामाद बेटी को कोई दुख नहीं देता था, उसे बहुत अच्छे से रख रहा था। दोनों के दो बच्चे भी हैं। लेकिन, करीब छह महीने पहले मेरी बेटी शहर काजी के संपर्क में आई और फिर इबादत और इस्लाम जानने के लिए उससे मिलने लगी। इस दौरान शहर काजी ने मेरी बेटी को बरगलाया और उससे कहा कि अगर तुम अपने पति को छोड़कर मेरे बताए लड़के से निकाह करोगी तो तुम्हें जन्नत नसीब होगी। अपनी बातों में फंसकार उसने मेरी बेटी का निकाह किसी और से करा दिया, जबकि इस्लाफ में पति के तलाक दिए और उसकी मर्जी के बिना दूसरा निकाह जायज नहीं है।
शरीयत के मुताबिक है जायज
मामले को लेकर शहर काजी मुफ्ती मुबारक मोहम्मद अजहरी ने बताया कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती थी। इस दौरान पति ने कई बार मौखिक रूप से पत्नी को तलाक भी दिया था। शरीयत के मुताबिक समयावधि गुजारने के बाद मैंने निकाह की रजामंदी दी थी, जो शरीयत के मुताबिक जायज है।
शरीयत में इसकी कोई जगह नहीं
शहर काजी द्वारा महिला की दूसरा निकाह कराए जाने के बाद उसके पति और परिजनों ने मुस्लिम धर्म गुरुओं से मुलाकात की। उन्होंने समाज के धर्म गुरुओं को पूरे मामले की जानकारी दी और पूछा कि क्या शादीशुदा महिला और दो बच्चों की पति को मौखिक तलाक दे सकती है? इस पूरे मामले में प्रयागराज (इलाहाबाद) के मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने एक फतवा जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि जिस महिला को उसके पति ने तलाक नहीं दिया है उसका किसी और के साथ निकाह जायज नहीं है। शरीयत में इसकी कोई जगह नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है।
महिला बोली- दूसरे पति के साथ खुश हूं
महिला ने कहा कि मैं अपने पहले पति के साथ नहीं रहता था। उसका आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए उसे तलाक दिया है। दूसरे पति से निकाह करने के बाद मैं खुश हूं, अब उसी के साथ रहूंगी।
जांच के बाद कार्रवाई करेंगे
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर ने बताया कि महिला के पिता ने शिकायत दी है। संबंधित थाने को मामले में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहता है मुस्लिम विवाह अधिनियम 2019
इस अधिनियम के तहह कोई भी पति अपनी पत्नी को बोलकर, लिखकर, इलेटक्ट्रॉनिक या किसी अन्य तरीके से तलाक नहीं दे सकता। अगर वह ऐसा करता है तो वह गैर संवैधानिक माना जएगा। लेकिन, इस मामले में एक पत्नी ने पति को बोलकर तलाक दिया है। ऐसे में आगे क्या होगा यह समय ही बताएगा।