रीवा में जांच करते हुए पुलिस अधिकारी।
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सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत नैना पुल के नीचे बोरे में बंद में मिले नवजात शिशु और महिला के शव की शिनाख्त हो गई है। महिला का नाम सुनीता साकेत है और वह सीधी की रहने वाली है। यह वही महिला है, जिसकी तलाश की खातिर सीधी का एक परिवाह फरियाद लेकर नारियल लेकर काली पट्टी बांधकर दंडवत परिक्रमा करते हुए IG कार्यालय पहुंचा था।
परिजनों का आरोप था कि 12 साल से सुनीता साकेत और उसकी 16 वर्षीय बेटी शिवेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति के साथ रह रही थी। बीते चार माह से वह दोनो लापता है। इसके ठीक अगले ही दिन जिले के सोहागी थाना क्षेत्र स्थित नैना पुल के नीचे बोरे में बंद एक महिला और नवजात शिशु का शव बरामद हुआ था। इसके बाद शवों की पहचान कराई गई। पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है कि सुनीता की 16 वर्षीय बेटी कहां है? पांच जनवरी को सुनीता साकेत के परिजन रीवा स्थित IG कार्यालय पहुंचे थे और न्याय की गुहार लगाई थी।
पुल के नीचे मिले थे शव
रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में मंगलवार को नैना नदी में बने पुल के नीचे से बोरे में बंद महिला और नवजात शिशु के शव पुलिस ने बरामद किए थे। शव की पहचान के लिए पुलिस ने सीधी जिले के रामपुर नैकिन स्थित मोहनि गांव से उस परिवार को बुलवाया, जो कुछ दिन पहले लापता बहन और उसकी 16 वर्षीय बेटी की खोजबीन के लिए फरियाद लेकर आया था। IG केपी व्यंकटेश्वर राव ने उस समय पीड़ित परिवार की फरियाद सुनी थी। एसपी विवेक सिंह को मामले की जांच करने के निर्देश भी दिए थे। शव की पहचान करने पहुंचे सुनीता साकेत के परिजनों ने कहा कि 12 साल सुनीता किसी शिवेन्द्र सिंह के साथ रह रही थी। उसी ने हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद कर नदी में फेंका है।
क्या है मामला
पूरा मामला सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित मोहनी गांव का है। 18 साल पहले सुनीता साकेत की शादी छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में हुई थी। छह वर्षों तक वह अपने ससुराल में रही। इस दौरान उसे एक बेटी हुई। छह साल बाद ही वह अपनी सुसराल छोड़कर गांव लौट आई। वहां शिवेन्द्र सिंह के साथ रहने लगी। कुछ साल पहले शिवेन्द्र सिंह सुनीता को रीवा ले आया। किराये के मकान में दोनों रहने लगे थे। सुनीता ने एक और बेटी को जन्म दिया, जो शिवेंद्र सिंह से थी। शिवेंद्र सिंह ने रीवा के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में अपना खुद का मकान बनवाया और सुनिता के साथ रहने लगा।