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मिसाल: मां की मुखाग्नि के दौरान नशा न करने का संकल्प दिलाया, शख्स 25 साल से कर रहा समाज सुधार का कार्य

Tue, 06 Feb 2024 07:19 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा

सार

मध्यप्रदेश में रीवा जिले का एक व्यक्ति बीते 25 साल से समाज के लिए एक सराहनीय कार्य कर रहा है। ऐसे में अब उस व्यक्ति ने अपनी मां के निधन पर मुखाग्नि के दौरान भी एक मिसाल पेश की।
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नशा मुक्ति का संकल्प लेते हुए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत को नशा मुक्त बनाने की ऐसी ललक शायद आप ने न तो कभी देखी होगी और न ही कभी सुनी होगी। रीवा के वह सख्स जिन्होंने नशा मुक्त भारत बनाने के लिए कई साल पहले खुद के ऊपरी वस्त्र त्याग कर दिए और भारत को नशा मुक्त बनाने के लिए संकल्पित हो गए। शहीद भगत सिंह सेवा समिति के अध्यक्ष सुजीत द्विवेदी लोगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए अक्सर अलग-अलग अंदाज में दिखाई देते हैं।

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सुजीत कभी लोगों के जूते पॉलिश करके तो कभी बेटी की शादी में विदाई के पहले बरातियों को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाते दिखाई देते हैं। अब एक बार फिर मां के निधन पर मुखाग्नि से पूर्व अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों को वह नशा मुक्त भारत का संकल्प दिलाते दिखाई दे रहे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। नशा मुक्ति आंदोलन चलाने वाले शहीद भगत सिंह सेवा समिति के अध्यक्ष सुजीत द्विवेदी की माता कौशल्या का चार फरवरी को आकस्मिक निधन हो गया था, जिनका अंतिम संस्कार गृह ग्राम गंगाहरा में किया गया। लेकिन अंतिम संस्कार के पहले चिता में लेटी मां को मुखाग्नि देने से पहले वहां उपस्थित लोगों को नशा न करने की शपथ दिलाई। उसके बाद मुखाग्नि दी।

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25 साल से चला रहे नशा मुक्त भारत का अभियान
इस तरह के गमगीन माहौल के बीच ऐसी शपथ पहली बार हुई है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है और खूब तारीफ भी हो रही है। सुजीत 25 साल से नशा मुक्ति के लिए आवाज उठा रहे हैं, जिसके लिए इन्होंने ऊपरी वस्त्र भी त्याग दिए हैं। जूते में पॉलिश करना, पैदल यात्रा सहित अन्य तरीकों से लोगों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाते रहते हैं। अपनी बेटी की शादी में निमंत्रण पत्र में भी उन्होंने नशा न करने का संकल्प छपवाया था। साथ ही विदाई के पहले उपस्थित घराती और बराती को संकल्प दिलाकर विदाई की थी। अब एक बार फिर अपनी मां के निधन के बाद मुखाग्नि से पूर्व वह लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ देते दिखाई दे रहे हैं। 

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