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Rajgarh: पुलिसकर्मियों ने युवक को बेरहमी से पीटा, शरीर की चमड़ी और कान का पर्दा फटा, ASI समेत पांच सस्पेंड

Thu, 09 Jun 2022 09:03 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़

सार

राजगढ़ जिले के बोडा में पुलिसकर्मियों ने एक युवक को इतनी बेरहमी से पीटा की युवक के कान का पर्दा और शरीर के कई हिस्सों की चमड़ी फट गई। मामले का खुलासा होने के बाद एसपी ने एएसआई समेत 5 को निलंबित कर दिया है।
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गृहमंत्री से शिकायत करने पहुंचा युवक। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राजगढ़ जिले के बोडा में पुलिसकर्मियों ने एक युवक को इतनी बेरहमी से पीटा की उसके शरीर में कई जगह गहरे जख्म बन गए और कान का पर्दा फट गया। युवक को इतनी बेदर्दी से पीटा गया कि उसके शरीर की चमड़ी जगह-जगह फट गई। पीड़ित ने पुलिस पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद एसपी ने एएसआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। युवक ने अपने साथ हुई बर्बरता की शिकायत गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से की है।
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बोड़ा थाना क्षेत्र के कड़िया गांव निवासी शुभम सिसोदिया सांसी का कहना है कि वह 29 मई को भेसवा माता गांव में एक मन्नत के कार्यक्रम में शामिल होने गया था। यहां पुलिस ने उसे एक मामले में आरोपी बताते हुए गाड़ी में बैठा लिया और लीमा चौहान थाने ले गई। थाने में उसे करीब एक घंटे तक जमकर पीटा गया। पिटाई के बाद युवक को बोडा थाने लाया गया, इस दौरान भी युवक को रास्तेभर पीटा गया। बोडा थाने के पीछे भी ले जाकर युवक से मारपीट की गई। फिर युवक को   नरसिंहगढ़ ले जाया गया और यहां उसके साथ रातभर मार पीट की गई। 

युवक के माता पिता को पता चला तो वह बोडा थाने पहुंचे और उसे कोर्ट में पेश करने को कहा। 30 मई की सुबह पुलिसकर्मी युवक को फिर से बोडा थाने लाए, काफी मिन्नतों के बाद जब पीड़ित की मां ने टीआई राम नरेश राठौर को 50 हजार रुपये दिए, तब युवक को छोड़ा। थाने से रिहा करते समय पुलिसकर्मियों ने युवक को मारपीट के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी।
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मारपीट के कारण युवक के कान में तेज दर्द उठा, जिसके बाद वह 1 जून को शुजालपुर पहुंचा और डॉक्टर को कान दिखाया। जिसके बाद डॉक्टर ने युवक को बताया कि उसके कान का पर्दा फट गया है। डॉक्टर ने युवक को पुलिस केस की बात कह कर मेडिकल कराने कहा। जब युवक रात करीब 8 बजे पचोर सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाने पहुंचा तो, वहां से उसे शाजापुर के लिए रैफर कर दिया गया। अगले दिन शाजापुर अस्पताल पहुंचकर जांच करवाई, जहां दो पुलिसकर्मी उसे धमकाने के लिए पहुंच गए। पुलिस के डर से युवक बिना जांच रिपोर्ट लिए ही अपने गांव लौट गया। पीड़ित 6 जून को तारीख को राजगढ़ पहुंचा और एसपी प्रदीप शर्मा से मारपीट की शिकायत की। युवक की शिकायत पर 5 पुलिस कर्मियों को एसपी ने तो निलंबित कर दिया, लेकिन 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले थाना प्रभारी राम नरेश राठौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद युवक ने 7 जून को भोपाल डीआईजी, मानव अधिकार, मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया। साथ ही गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी मामले से अवगत कराया।
 
घटना पर सफाई देते हुए थाना प्रभारी बोडा ने कहा कि युवक से मारपीट करने वाले पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। टीआई ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ने की बात को सिर्फ युवक का आरोप बताया और जांच की बात कही। एसपी ने बोडा थाने के ASI समेत 5 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है, जिसमें ASI भंवरसिंह परमार, आरक्षक श्याम, आरक्षक प्रवीण, आरक्षक वीरेंद्र रावत और आरक्षक गौरव रघुवंशी शामिल हैं।

युवती की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई
ASP मनकामना प्रसाद ने कहा कि थाना बोडा पर एक युवती ने इंस्टाग्राम पर फेक आईडी बनाकर अश्लील चीजें डालने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने सायबर सेल की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया था। मोबाइल सिम की मदद से शुभम सिसोदिया को पकड़ा गया था। युवक के विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की थी। 
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