मासूम का शव कंधे में लेकर जाता चाचा।
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छतरपुर जिले के बकस्वाहा में मंगलवार को एक मासूम को मौत के बाद शव वाहन भी नसीब नहीं हो सका। दरअसल जिला अस्पताल में एक मासूम बच्ची की मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके परिजन बकस्वाहा तक शव ले आए, लेकिन बकस्वाहा से चार किमी दूर स्थित गांव तक शव ले जाने के लिए उन्हें शव वाहन नसीब नहीं हुआ। काफी प्रयासों के बाद मृतक बच्ची के चाचा ने शव को कंधे पर रखकर पैदल चलना शुरु कर दिया। बाद में नगर परिषद द्वारा शव वाहन की व्यवस्था कर शव को गांव तक पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि बकस्वाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के समीपी ग्राम पोंडी निवासी लक्ष्मण अहिरवार की 4 वर्षीय पुत्री राधा को बुखार के चलते भर्ती कराया गया था। बच्ची की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया, जहां जिला अस्पताल में उपचार के दौरान राधा की मौत हो गई। जिला अस्पताल से बच्ची का शव बक्सवाहा तक तो पहुंच गया, लेकिन बकस्वाहा से पोंड़ी तक जाने के लिए परिजनों को शव वाहन नहीं मिल पा रहा था। शव वाहन की तलाश में काफी देर तक परिजन परेशान होते रहे, लेकिन जब शव वाहन नहीं मिला तो बच्ची के चाचा ने मासूम के शव को कंधे पर रखकर पैदल चलना शुरू कर दिया। जब लोगों ने यह दृश्य देखा तो खबर फैली। बाद में नगर परिषद द्वारा तत्काल शव वाहन की व्यवस्था कराते हुए आधे रास्ते से शव को वाहन में रखवाकर गांव भेजा गया।
वहीं, SDM राहुल सिलाड़िया का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, भविष्य में इस तरह के घटनाक्रम की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे, साथ ही इस मामले में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।