राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सेन्ट्रल बेंच जोन ने नेशनल हाईवे (एनएच-12) को लेकर मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी करने की वजह खराब स्थिति है। इस मसले पर सरकार के साथ-साथ मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड,शहरी विकास विभाग और भोपाल, राजगढ़, सेहोर और नरसिंघगढ़ के कलेक्टरों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-12) के क्षतिग्रस्त होने पर नोटिस जारी किया गया है। एनएच-12 दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा पर्यावरण प्रदूषण के लिए भी अग्रणी है।
जानकारी के मुताबिक इसकी याचिका सरपंच पुरुषोत्तम डांगी ने एनजीटी में दायर किया है। जिसमें उन्होंने सड़क के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाया है। इस मामले उनके वकील ने कहा कि उन्होंने आरटीआई के माध्यम से एमपी पीसीबी से हवाई परिवेश की गुणवत्ता की रिपोर्ट मांगी है। लेकिन अधिकारियों ने उन्हें सूचना देने से मना कर दिया।
बहरहाल,एनजीटी के जस्टिस दलीप सिंह और विशेषज्ञ सदस्य एसएस गर्बाल की बेंच ने पीसीबी को एक महीने के भीतर भोपाल से नरसिंघगढ़ के बीच सड़क की हवा की गुणवत्ता की रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। साथ ही सड़क बिछाने में शामिल कंपनियों को भी सूचना देने को कहा।