रबी के सीजन में किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब सिंचाई के लिए चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इंदौर, सागर और जबलपुर संभाग में कम वर्षा के बाद भी बेहतर प्रबंधन द्वारा एक लाख हेक्टेयर में अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवााया जाएगा। मप्र के जल संसाधन मंत्री ने यह आश्वासन दिया है।
मप्र के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विभाग की समीक्षा बैठक ली थी। इसमें कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के अनुरूप चंबल की लगभग 3200 किमी लंबी क्षेत्र में फैली नहर को रबी फसल की सिंचाई के लिए पुन: तैयार कर लिया गया है। जल संसाधन विभाग ने लगातार काम करते हुए दो माह से भी कम समय में अति वर्षा और ज्यादा पानी के कारण क्षतिग्रस्त नहरों को आज चालू कर दिया गया है। चंबल नहरों को पूरी तरह दुरुस्त कर पानी का सप्लाय शुरू कर दिया है। इससे किसानों को रबी सीजन में पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
माह में दो बार करें निरीक्षण
मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि विभागीय अमला किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम करे और जनजाति क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ काम पूरे किए जाए। लम्बित परियोजना को पूर्ण करने के लिए सभी वरिष्ठ अधिकारी माह में दो बार अवश्य निरीक्षण करने जाएं। इस प्रकार के कामों से देश में प्रदेश की छवि बेहतर होती है किसानों में यह सकारात्मक संदेश जाता है कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए असंभव काम को भी संभव कर रही है।
कम वर्षा के बाद भी बेहतर प्रबंधन
बैठक में अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा ने कहा वर्ष 2021- 2022 में कोरोना के बाद भी एक लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता को बढ़ाया गया है। इंदौर, सागर और जबलपुर संभाग में कम वर्षा के बाद भी बेहतर प्रबंधन द्वारा एक लाख हेक्टेयर में अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।