फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP Project Cheetah: PM मोदी ने की चीता मित्रों से बात, जानें क्यों कहा कि मुझे भी KNP में प्रवेश न करने दें...

Sat, 17 Sep 2022 11:07 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर

सार

MP Project Cheetah: पीएम मोदी ने कहा, हमें करीब 75 साल चीतों का इंतजार करना पड़ा है, पहले यहां चीता होते थे। आज 130 करोड़ देशवासी जश्न मना रहे हैं, अभी उन्होंने चीतों को देखा नहीं है, फिर भी नाच रहे हैं। हर किसी को लग रहा है कि जैसे हमारे परिवार में बहुत साल बाद कोई संतान पैदा हुई है। 
विज्ञापन
PM Modi - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

MP Project Cheetah: नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार करीब 12 बजे  कूनो नेशनल पार्क में बॉक्स खोलकर तीन चीतों को छोड़ा। इसके बाद मोदी ने इनकी तस्वीरें भी ली। इसके बाद पीएम मोदी ने पेड़ के नीचे बैठकर चीता मित्रों से बात की। इस दौरान उनके आसपास कई चीता मित्र बैठे हुए थे।

विज्ञापन


बातचीत में पीएम मोदी ने चीता मित्रों को चितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ जरूरी बातें बताईं। उन्होंने कहा, आप सभी को बताया गया होगा कि चीतों को पहले अपने बाड़ों में और बाद में जंगल में बसने के लिए समय चाहिए होता है। अब यह सुनिश्चित करना आपका कर्तव्य है कि किसी को भी पार्क में प्रवेश नहीं करने देना है। चाहे वह नेता, पत्रकार, अधिकारी या कोई भी हो, किसी को भी प्रवेश नहीं करने देना है। पीएम ने कहा, अगर मैं भी आ जाऊं तो मुझे भी मना कर देना।  
 

मोदी ने चिता मित्रों से सवाल भी किए। उन्होंने पूछा, पशु इंसान के लिए खतरा है या इंसान पशुओं के खतरा है। इस पर चीता मित्रों ने तपक से कहा कि इंसान से पशुओं को खतरा है। मोदी ने फिर पूछा कि पक्का ऐसा ही है, तो उन्होंने कहा, हां पक्का ऐसा ही है। इसके बाद पीएम मोदी कुछ मिनट तक चिता मित्रों से बात करते रहे। 
विज्ञापन


पीएम मोदी ने कहा, हमें करीब 75 साल चीतों का इंतजार करना पड़ा है, पहले यहां चीता होते थे। आज 130 करोड़ देशवासी जश्न मना रहे हैं, अभी उन्होंने चीतों को देखा नहीं है, फिर भी नाच रहे हैं। हर किसी को लग रहा है कि जैसे हमारे परिवार में बहुत साल बाद कोई संतान पैदा हुई है। यह भारत का प्रकृति प्रेम हैं। 

30 दिन क्वॉरेंटाइन रहेंगे चीते
नामीबिया से भारत आए आठ चीतों में से पांच मादा और तीन नर है। इनकी उम्र चार से छह साल है। इन चीतों को इंटरनेशनल नॉट-फॉर-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन चीता कंजर्वेशन फंड ने उपलब्ध कराया है। यह संस्था चीतों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसका हेडक्वार्टर नामीबिया है। प्रोटोकॉल के तहत इन चीतों को 30 दिनों के लिए अलग-अलग क्वॉरेंटाइन पिंजरों में रखा गया है। 
विज्ञापन


यह भी जानिए...
राजस्थान का चीतावालान मोहल्ला, जहां 100 साल पहले डॉगी की तरह पाले जाते थे चीते

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें