हादसे के बाद सभी के शवों को पीएम के लिए लाया गया।
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मध्य प्रदेश के कटनी में चार किसानों की जहरीली गैस से मौत हो गई और उन्हें जहरीली गैस से भरे 35 फीट गहरे कुएं से निकालने में 9 घंटे लग गए। क्योंकि कटनी जिला प्रशासन के पास न तो इसी स्थितियों से निपटने के कोई संसाधन उपलब्ध थे, न ही उन्हें इस तरह के प्रशिक्षण दिए गए। जबकि कटनी में पूर्व में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
कटनी जिले के एनकेजे थाना अंतर्गत ग्राम जुहली में दुबे परिवार के खेत में बने कुएं में बोरिंग करवाई गई थी, जिसमें सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए चाचा भतीजे रामकुमार और निखिल दुबे कुएं में उतरे थे तभी बगल के खेत में काम कर रहे चचेरे भाई राजेश कुशवाहा और देवेंद्र कुशवाहा भी उनकी मदद के लिए आकर कुएं में उतर गए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह मौत का कुआं चारों की जान ही ले लेगा। महज 12 फीट नीचे जाते हुए कुएं में भारी जहरीली गैस का शिकार होकर चारों अंदर बेहोशी की हालत में गिर पड़े।
मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, कलेक्टर दिलीप यादव, एसपी अभिजीत रंजन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी पहुंचकर घटना का जायजा लेने लगे और कुएं में अचेत अवस्था में पड़े लोगों का रेस्क्यू करने के लिए कटनी SDERF की टीम को बुलवाया गया। लेकिन न तो उनके पर ऐसी आपदा ने काम करने का कोई अनुभव रहा, न ही कोई प्रशिक्षण दिया गया। वहीं उपकरण और संसाधनों के अभाव के चलते वह उन्हें बाहर निकालने की पूर्णतः असफल रहे। इसके बाद नवागत कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने तत्काल उमरिया जिले की कोल माइंस की स्पेशल टीम SECL से संपर्क करते हुए उन्हें बुलवाया।
नारौजाबाद से SECL की रेस्क्यू टीम 11 सदस्यों के साथ कटनी पहुंची थी जहां उन्होंने अपने उपकरणों के माध्यम से यह बताया कि कुएं में तीन प्रकार की गैस मौजूद थी, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड, साइनाइड सहित एक अन्य गैस मौजूद हैं। बावजूद इसके महज डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने चारों शव बाहर निकालते हुए उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया है। घटना की जानकारी लगते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने ट्वीट करते हुए संवेदना व्यक्त की है और मृतक के परिजनों को 4-4 लाख की राहत राशि भी जारी की है।