कटनी स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल
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मध्यप्रदेश में कटनी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी बदहाल है, इसका खुलासा नीति आयोग द्वारा जारी हुई लिस्ट से हुआ है। इसमें रीठी स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति काफी खराब बताई गई है, जिसे लेकर नीति आयोग ने कटनी सीएमएचओ राजेश आठ्या को पत्र जारी करते हुए उन्हें व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
दरअसल, कटनी में छह स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, जिसके प्रत्येक केंद्रों में चार से पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन तमाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में न तो डॉक्टर मिलते हैं और न बेहतर इलाज। इन सब विषयों की जांच के लिए बाहर से आई टीम ने जिले के सभी ब्लॉक में बनी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जांच की, जिसमें सबसे खराब स्थिति रीठी स्वास्थ्य केंद्र मिली।
आपको बता दें, रीठी ब्लॉक का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी इलाकों में शामिल है। जहां गरीब तबके के लोग निवास करते हैं। हालांकि क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए शासन ने लाखों करोड़ों खर्च किए। लेकिन जमीनी स्तर में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पूरे मामले पर सीएमएचओ राजेश आठ्या ने बताया कि नीति आयोग द्वारा देश भर के करीब 500 स्वास्थ्य केंद्र की जांच कराई गई थी, जिसमें कटनी जिले के सभी ब्लॉक में निरीक्षण में पहुंची थी। जहां रीठी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कमी मिली और उसे बेहतर करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद दो डॉक्टर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो एक रीठी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ किया है। वहीं, उमरियापान और विजयराघवगढ़ स्वास्थ्य केंद्र की भी स्थिति ठीक नहीं है, जिसे बाद में सुधार कार्य करवाया जाएगा।