मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति और राहत बचाव कार्यों को लेकर वल्लभ भवन में अधिकारियों की बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ के बाद पूरी संवेदना से काम करने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि चंबल नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बेतवा नदी भी खतरे के निशान से 13 फीट नीचे बह रही है। अधिकारियों ने बताया कि सिल्ट हटाने का काम, दवाइयों के छिड़काव, साफ पानी की व्यवस्था, पावर सप्लाई का कार्य तीव्र गति से जारी है।
गांव में बिजली बहाली की जा रही
बारिश के कारण ग्रामीण नल जल योजनाएं 60 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हो गई थीं। जिसे दुरुस्त कर लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर बिजली बहाली का कार्य जारी है। मृत पशुओं का निस्तारण और मलवा हटाने का कार्य जारी है।
पुल-पुलिया की मरम्मत का कार्य जारी
बाढ़ के कारण जलस्रोत प्रभावित हुए हैं। उनके शुद्धिकरण का कार्य जारी है। विदिशा का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अभी डूबा है। पुलिस पुलिया से पानी उतर गया है। आवागमन शुरू कर दिया है। डैमेज पुल-पुलिया की मरम्मत का कार्य आज से शुरू हो गया है।
श्योपुर के डूब प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कत
श्योपुर के कुछ डूब प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कत है, लेकिन कार्य तीव्र गति से जारी है। विदिशा में कुछ पशुओं की हानि हुई है। मकानों को भी क्षति पहुंची है। इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य नुकसान की जानकारी भारत सरकार को भी भेज दी गई है।
फसलों को नुकसान
रायसेन, विदिशा, गुना, सीहोर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, भिंड, मुरैना, राजगढ़ सहित अन्य जिलों में फसलों का नुकसान हुआ है। सभी का उचित सर्वे किया जाएगा और राहत राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शिविरों में रह रहे लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह अधिकारी थे उपस्थित
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण/ पशुपालन, गृह, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, किसान कल्याण, उर्जा, लोक निर्माण, राजस्व, पंचायत ग्रामीण विकास तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।