मध्यप्रदेश में आई बाढ़ पर गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीते 70 सालों में ऐसी तबाही कभी नहीं देखी गई है। बाढ़ के कारण ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है, साथ ही यहां दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कई पुल व इमारतें बाढ़ की चपेट में आ चुकी हैं। वहीं शिवपुरी व शेओपुर जिले में एक-एक मौत की पुष्टि हुई है। वहीं सात लोगों के घायल होने की खबर भी है, जिसमें गुना से चार, शिवपुरी से दो व मोरीना से एक व्यक्ति घायल हुआ है। भारी वर्षा के कारण दतिया के रतनगढ़ मंदिर व संकुआ के पास पुल ध्वस्त हो चुके हैं, जिस कारण कई लोग वहां फंस गए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के आदेश
बाढ़ के बाद हालातों का जायजा लेते हुए गुरुवार सुबह सीएम ने कमिश्नर व ग्वालियर-चंबल डिवीजन के आईजी को बाढ़ के नुकसान का जायजा लेने व लोगों को बाहर निकालने के आदेश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बताया कि एयर ऑपरेशन के जरिए भी भिंड़ व शिवपुरी जिले में फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 70 सालों में बाढ़ के कारण ऐसी तबाही नहीं देखी गई है। उन्होंने आगे कहा कि रतनगढ़ मंदिर के पास पुल भी बाढ़ की चपेट में आ चुका है। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार की रात शिवपुरी के काली पहाड़ी से 57 लोगों को निकाला गया वहीं 35 और लोगों को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।
पीएम को बतायी मौजूदा स्थिति
मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह पीएम नरेंद्र मोदी से भी बाढ़ के हालातों पर चर्चा की और जिले की वास्तविक स्थित से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती, बिजली और टेलीकॉम सेक्टर को बहुत नुकसान पहुंचा है और लोगों तक आम जरूरत की चीजें तक नहीं पहुंच पा रहीं हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने राज्य की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। चौहान की ओर से गृह मंत्री अमित शाह को भी बाढ़ के हालातों से अवगत कराया गया है।
इस दौरान भारतीय मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम अधिकारी पीके साहा ने बताया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पिछले 24 घंटो में बारिश में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक शिवपुरी में 37 एमएम तो शेओपुर में 11 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।