पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने इस्तीफा मंजूर होने के बाद बैतूल जिले की आमला से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। बुधवार को उन्होंने पीसीसी चीफ कमलनाथ से छिंदवाड़ा में मुलाकात की और टिकट पर दावा जताया। उन्होंने कमलनाथ से टिकट को लेकर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा। उधर, कांग्रेस ने चार प्रत्याशी बदले, लेकिन उसमें आमला सीट से प्रत्याशी मनोज मालवे यथावत हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से मुलाकात के बाद बांगरे ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद फैसले का आश्वासन दिया है। उधर, जानकारों का कहना है कि निशा बांगरे को शायद अब कांग्रेस टिकट नहीं देगी, क्योंकि उनके इस्तीफे को मंजूर हुए करीब दो दिन बीत चुके हैं और कांग्रेस ने कोई निर्णय नहीं किया है। न ही बैतूल जिले की आमला सीट से प्रत्याशी बदला गया है।
जनता की लड़ाई के लिए स्वतंत्र हूं
पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने इस्तीफा मंजूर होने के बाद कहा कि जब मैं संघर्ष कर रही थी तब कांग्रेस ने मुझे साथ देने की बात कही। जब मेरी गिरफ्तारी हुई तब भी कांग्रेस के नेता मेरे साथ थे। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया था कि अंतिम दो दिन तक आपके इस्तीफे का इंतजार किया जाएगा। बांगरे ने कहा कि मैं तो अपनी लड़ाई जारी रखूंगी। कांग्रेस के टिकट नहीं देने के सवाल पर बांगरे ने कहा कि मैं जनता के लिए काम करुंगी। यदि जनता कहेगी तो निर्दलीय चुनाव लड़ूंगी। मैं जनता के आदेश का पालन करुंगी। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ेंगी।
पांच साल से आमला में तैयारी कर रहे मालवे
बता दें, कांग्रेस ने आमला सीट पर पूर्व प्रत्याशी मनोज मालवे को टिकट दिया है। मालवे पांच साल से आमला में तैयारी कर रहे हैं। पिछले चुनाव में मनोज मालवे भाजपा के योगेश पंडाग्रे से करीब 17 हजार वोटों से हार गए थे। भाजपा ने वर्तमान विधायक योगेश पंडाग्रे पर ही भरोसा जताया है। आमला में टिकट बदलने पर मालवे भी बागी हो सकते हैं। इसका भाजपा को फायदा होगा। जानकारों का कहना है कि निशा बांगरे अब कांग्रेस के गले ही हड्डी बन गई हैं। उनके निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी कांग्रेस को ही नुकसान होगा।
इन सीटों पर भी पार्टी में विचार की चर्चा
कांग्रेस ने चार सीट सुमावली, पिपरिया, बड़नगर और जौरा सीट पर प्रत्याशी बुधवार को बदल दिए। अब पार्टी में तीन और सीटों पर प्रत्याशी बदलने को लेकर चर्चा हो रही हैं। इसमें आमला के अलावा शिवपुरी, निवाड़ी और बड़नगर सीट शामिल हैं।
- शिवपुरी में भी बदलाव की चर्चा
कांग्रेस ने शिवपुरी सीट पर पिछोर से लगातार जीतते आ रहे केपी सिंह को टिकट दिया है। यहां से टिकट के आश्वासन पर भाजपा विधायक वीरेंद्र रघुवंशी कांग्रेस में आए थे। अब रघुवंशी के समर्थक नाराज है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कुछ दिन पहले संकेत दिए थे कि शिवपुरी की सीट में बदलाव हो सकता था। सिंह ने केपी सिंह और वीरेंद्र रघुवंशी दोनों से बातचीत होने की बात कही थी।
- निवाड़ी में रोशनी के नाम पर विचार
पार्टी ने निवाड़ी में अमित राय को टिकट दिया है। यहां से भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाली पूर्व राज्यपाल रामनरेश की पौत्र वधू रोशनी यादव दावेदार थी। रोशनी यादव के समर्थन में कई कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेज दिया है। इस सीट पर भी पार्टी राय की जगह रोशनी को टिकट दे सकती है।
- बड़नगर और जावरा सीट पर मंथन
कांग्रेस ने बड़नगर में वर्ततान विधायक मुरली मोरवाल का टिकट काट कर राजेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट दिया है। यहां पर प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है।