मध्यप्रदेश के डॉक्टरों ने इस बार फिर से हड़ताल करने की घोषणा कर दी है। इससे पहले भी हड़ताल की गई थी, जहां पर डॉक्टर काम पर वापस तो आ गए थे। लेकिन उसके बाद अब फिर से उनकी मांगे पूरी न होने पर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।
जहां मध्यप्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ शाखा उमरिया के जिलाध्यक्ष डॉक्टर मुकुल तिवारी ने बताया कि हम सभी प्रदेश के चिकित्सा अधिकारियों की कई साल से लंबित मांगों को लेकर महासंघ ने पूर्व में 17 फरवरी 2023 को प्रदेश व्यापी आंदोलन किया था। लेकिन मुख्यमंत्री के आश्वासन और जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी चिकित्सक काम पर लौट आए थे। फिर भी हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
इसलिए महासंघ ने इस बार फिर से निर्णय लिया है कि प्रदेश भर में सभी चिकित्सक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट करें। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है तो कल यानी दो मई को दो घंटे के लिए काम बंद किया जाएगा। यदि उस पर भी सरकार ध्यान नहीं देती है तो तीन मई से समूचे प्रदेश के चिकित्सक अनिश्चितकालीन सम्पूर्ण चिकित्सकीय कार्य बंद किए जाएंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।
ये हैं डॉक्टरों की मांगे...
प्रदेश के चिकित्सकों के सभी संवर्गों के लिए DACP योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 17 फरवरी 2023 को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। जो उच्च अधिकारियों द्वारा समिति के सर्वसम्मति उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन के निर्णय को परिवर्तित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सक महासंघ के 10,000 चिकित्सक साथी प्रतिवेदन के निर्णय को परिवर्तित किए जाने के प्रयास से आक्रोशित हैं। उस निर्णय को लागू न करके समस्त 10,000 शासकीय चिकित्सकों के साथ वादाखिलाफी की जा रही है। इसलिए प्रदेश के सभी 10 हजार चिकित्सक मजबूरन तीन मई से अनिश्चितकालीन चिकित्सकीय कार्य बंद करने जा रहे हैं।