मुरैना जिले में एक निर्दयी मां ने बेटी को जन्म दिया और उसे सर्द मौसम में नंगे बदन कपड़े में लपेटकर माता बसैया गांव में खुले आसमान के नीचे खेत के किनारे झाड़ियों में छोड़ दिया। यहां नेवले ने भी बच्ची के पैर में काट लिया, लेकिन जगत मैय्या के गांव में एक नवजात कैसे दम तोड़ सकती थी।
बता दें कि रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो तत्काल माता बसैया थाने पहुंचकर सूचना दी। पुलिस ने चाइल्ड लाइन टीम को सूचित कर बच्ची को मौके से उठवाया और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। खुले में पड़े रहने से नवजात हाइपोथर्मिया की शिकार हो गई। उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
सीएमएचओ डॉ. राकेश शर्मा और सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता के मुताबिक, बच्ची के पैर पर जख्म था। जो संभवत: किसी जीव के काटने से हुआ है। नवजात का प्लेसेंटा भी नहीं काटा गया है। इससे जाहिर है कि रात में ही बच्ची का जन्म हुआ है। एसएनसीयू में बच्ची को भर्ती कराकर उसका इलाज किया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. गुप्ता ने बताया, दो किलोग्राम वजनी बच्ची सर्दी के मौसम में खुले में पड़ी रहने की वजह से हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गई।
इस दौरान एसएनसीयू में नर्स सुषमा, भावना, रेखा, निशा और रीटा बच्ची की देखरेख कर रही हैं। चाइल्ड लाइन के सदस्य नितिन शिवहरे के मुताबिक, माता बसैया क्षेत्र में नवजात के मिलने की सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम के सेंटर कोआर्डिनेटर जयकुमार चांदिल और सदस्य राकेश कुमार ने एसएनसीयू वार्ड में बच्ची को भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।