मंदसौर जिले में ज्वैलर्स को असली गहने दिखाकर नकली गहने बेचकर 3.30 लाख रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने 21 मार्च को ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों को नीमच जिले के कुकड़ेश्वर एवं जावद थाना क्षेत्र के गांवों से गिरफ्तार किया है। उनके पास से ठगी हुई राशि बरामद कर ली है।
गरोठ थाना टीआई मनोज महाजन ने बताया कि 22 मार्च को नए बस स्टैंड स्थित सांवलिया ज्वैलर्स के संचालक धीरज पिता हरिश गुप्ता (26), निवासी मारुति कॉलोनी ने थाने पर शिकायत दर्ज करवाई थी कि 21 मार्च को सुबह करीब 11 बजे दो व्यक्ति एक महिला के साथ उसकी दुकान पर आए और 27,700 रुपए की चांदी की पायल खरीदी। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके पास दो चांदी के कड़े, चार सोने की ओगनी और एक सोने की चेन है, जिन्हें वे बेचना चाहते हैं।
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जब धीरज ने उन गहनों को चेक किया, तो वे आभूषण असली थे। जांच के बाद 3 लाख 30 हजार रुपए में सौदा तय हुआ और उन्होंने चांदी की पायजेब, जो उन्होंने खरीदी थी, तथा 3 लाख 2 हजार 300 रुपए दे दिए। लेकिन, आरोपियों ने धीरज को चालाकी से असली गहनों के बजाय वैसी ही नकली गहनों की पोटली थमा दी। आरोपी उसके साथ 3.30 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर फरार हो गए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुकान के सीसीटीवी कैमरे से आरोपियों के फोटो लिए और उन्हें जिले के सभी थानों, रतलाम तथा नीमच जिले के थानों में भेजा गया। इस पर नीमच जिले की सरवानिया चौकी प्रभारी एसआई असलम पठान ने सूचना दी कि फोटो में दिखाई देने वाला आरोपी महेंद्र पिता बापूलाल बंजारा (32), जावद थाना क्षेत्र के ग्राम समेल का रहने वाला है।
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इस पर गरोठ थाने से एसआई बापूसिंह बामनिया के नेतृत्व में एक टीम को रवाना किया गया। टीम ने समेल पहुंचकर आरोपी महेंद्र को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ कर बाकी दो आरोपियों ईश्वर पिता संपत बंजारा (20), निवासी ग्राम तलाक थाना कुकड़ेश्वर, जिला नीमच एवं वहीं की अंतरीबाई पति देवकिशन बंजारा को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनसे 3 लाख 2 हजार 300 रुपए नकद और 27 हजार रुपए की एक जोड़ी चांदी की पायजेब बरामद कर ली।
ऐसे की थी ठगी
टीआई महाजन ने बताया कि व्यापारी धीरज और आरोपियों के बीच सौदा तय हो गया था। इसी दौरान तीनों आरोपी आपस में बहस करने लगे कि दुकानदार कम पैसे दे रहा है और हमें सौदा पसंद नहीं है। उन्होंने लाल रुमाल में रखकर जो गहने दिए थे, उन्हें वापस ले लिया। लेकिन, कुछ ही देर में उनमें सहमति बनी और उन्होंने वही पोटली वापस देकर पैसे ले लिए। जब व्यापारी ने पोटली खोलकर चेक किया, तो पता चला कि गहने दिखने में सेम थे लेकिन नकली थे। इसके बाद व्यापारी ने आरोपियों की शहर में तलाश शुरू की, लेकिन वे नहीं मिले। शिकायत मिलने के चार दिनों में ही पुलिस ने पूरी गुत्थी सुलझा ली और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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