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कान्हा टाइगर रिजर्व: कोर जोन में मोबाइल फोन बैन, नहीं खींच सकेंगे फोटो, जान लें नए नियम

Sat, 20 Dec 2025 04:43 PM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

सार

कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर पर्यटन क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इस फैसले से जहां वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
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कान्हा टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर पर्यटन क्षेत्र में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली द्वारा 17 नवंबर 2025 को पारित आदेश के बिंदु क्रमांक 48.5 के अनुपालन में लिया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि टाइगर रिजर्व के कोर हैबिटेट में स्थित पर्यटन क्षेत्रों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाए।
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उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) द्वारा प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व को आदेश जारी किए गए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत अब कान्हा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कोर ज़ोन में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया है। पर्यटक, गाइड और ड्राइवर सभी पर लागू होगा आदेश

होटल व लॉज संचालक
किसी भी स्थिति में मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। सफारी के दौरान मोबाइल फोन अपने पास रखना भी नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा।

क्यों लगाया गया मोबाइल पर बैन
  1. वन विभाग के अनुसार मोबाइल फोन के उपयोग से वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में बाधा उत्पन्न होती है।
  2. कैमरा फ्लैश और वीडियो रिकॉर्डिंग से जानवर विचलित होते हैं।
  3. रिंगटोन और बातचीत से जंगल का शांत वातावरण प्रभावित होता है।
  4. इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कोर ज़ोन को मोबाइल-फ्री रखने के निर्देश दिए थे।
पर्यटकों में नाराजगी
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मोबाइल प्रतिबंध की खबर सामने आते ही पर्यटकों में नाराजगी देखी गई। कई पर्यटकों का कहना है कि उनके पास महंगे कैमरे नहीं होते और वे मोबाइल फोन से ही फोटो व वीडियो बनाकर अपनी यादें संजोते थे।

वन विभाग का पक्ष
कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा कि पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ के निर्देशों का पालन करते हुए कोर पर्यटन क्षेत्र में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को संरक्षित रखना है।

विशेषज्ञों का समर्थन
वन्यजीव विशेषज्ञ एवं सेवानिवृत्त रिसर्च ऑफिसर डॉ. राकेश शुक्ला ने इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि कोर ज़ोन में मोबाइल जैसे उपकरणों से दूरी जरूरी है। यह निर्णय वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।”



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नियम तोड़ने पर होगी ये कार्रवाई
वन विभाग के अनुसार, कोर ज़ोन में मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए जाने पर पर्यटक को सफारी से बाहर किया जा सकता है। जुर्माना लगाया जा सकता है। गाइड या ड्राइवर का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। साथ ही वन विभाग द्वारा जल्द ही प्रवेश द्वारों पर सूचना बोर्ड और दिशा-निर्देश भी लगाए जाएंगे।
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