कृषि विस्तार अधिकारी संघ मध्य प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर कृषि विस्तार अधिकारी संघ की मैहर जिला इकाई ने ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार और ई-अटेंडेंस के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के अनुसार 3 अगस्त 2026 से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू किया गया है। इसके बाद 12 अगस्त से विकासखंड स्तर पर सभी कार्यों के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान किया गया।
संघ ने बताया कि 17 से 20 अगस्त 2026 तक सभी विकासखंडों के कृषि विस्तार अधिकारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में एकत्रित होकर कलमबंद कार्य बहिष्कार करेंगे। इस दौरान ई-अटेंडेंस के विरोध में प्रदर्शन भी किया जाएगा। संघ का कहना है कि यदि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 21 अगस्त 2026 से राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
ई-अटेंडेंस से मुक्त रखने की मांग
कृषि विस्तार अधिकारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें eHRMS/ई-अटेंडेंस व्यवस्था से पूर्णतः मुक्त रखा जाए। संघ का तर्क है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का अधिकांश कार्य मैदानी स्तर पर किसानों के बीच होता है और उनकी कार्यप्रणाली कार्यालय में बैठकर किए जाने वाले कार्यों से अलग है। संघ ने सवाल उठाया है कि जब अन्य विभागों के मैदानी अमले को ई-अटेंडेंस से छूट दी गई है, तो कृषि विस्तार अधिकारियों पर ही इस व्यवस्था को लेकर इतना दबाव क्यों बनाया जा रहा है। संघ ने ई-अटेंडेंस के अलावा 2800 ग्रेड पे लागू करने तथा वर्तमान अतिरिक्त भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग रखी है।
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गांव-गांव पहुंचकर करना पड़ता है काम
कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि उनका काम किसानों की सुविधा और समय के अनुसार चलता है। किसानों से संपर्क, खेतों का निरीक्षण और कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए उन्हें कभी सुबह तो कभी शाम के समय गांवों में जाना पड़ता है। ऐसे में कार्यालय-आधारित निश्चित समय के अनुसार ई-अटेंडेंस व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।
संघ के मुताबिक एक कृषि विस्तार अधिकारी के जिम्मे कई पंचायतें होती हैं। एक अधिकारी को करीब 10 से 20 पंचायतों में काम करना पड़ता है, जो एक-दूसरे से कई किलोमीटर की दूरी पर स्थित होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या भी बनी रहती है, जिसके कारण ई-अटेंडेंस लगाने में तकनीकी दिक्कतें आने की बात संघ ने कही है।
महिला कर्मचारियों की समस्याओं का भी उठाया मुद्दा
संघ ने महिला कृषि विस्तार अधिकारियों की कार्य परिस्थितियों को लेकर भी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार विभाग में महिला कर्मचारियों की संख्या करीब 50 प्रतिशत है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम के दौरान महिलाओं के लिए दैनिक आवश्यक सुविधाओं का अभाव रहता है। कई महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चे हैं, लेकिन गांवों में उनके बैठने या बच्चों को फीडिंग कराने जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने शासन से मांग की है कि मैदानी कार्य की प्रकृति, लंबी दूरी, नेटवर्क संबंधी समस्याओं और महिला कर्मचारियों की व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विस्तार अधिकारियों को eHRMS/ई-अटेंडेंस से पूर्णतः मुक्त किया जाए। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर उचित निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए 21 अगस्त से राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।