प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्री महाकाल लोक का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले बीजेपी और कांग्रेस में महाकाल कॉरीडोर निर्माण का श्रेय लेने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए है। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रोजेक्ट उसकी सरकार की देन है। 2019 में कांग्रेस की सरकार ने 300 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट के लिए रखे थे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमने जो किया वह रिकॉर्ड पर है। यह सब चीजों का श्रेय लेना चाहते है। दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महाकाल कॉरीडोर की कल्पना 2016 में सिहस्थ के समय करने की बात कह चुके हैं। कांग्रेस के आरोपों पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ जी को झूठ बोलने का शगल है।
सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान आया था विचार, एमपी सरकार ने किया साकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तय रणनीति के साथ धार्मिक महत्व व आस्था से जुड़े मंदिरों के कायाकल्प व विस्तार पर काम कर रहे हैं। मोदी ने मंगलवार को जिस महाकाल लोक का लोकार्पण किया, उसका सपना उन्होंने उज्जैन के सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान 2016 में देखा था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं, पहले बाबा केदारनाथ, फिर अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का भव्य निर्माण का शुभारंभ हुआ। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर को दिव्य-भव्य रूप से विकसित करने के साथ भगवान महाकाल लोक का निर्माण हुआ है। वह बताते हैं कि 2016 में सिंहस्थ महाकुंभ हुआ था। उसमें पीएम मोदी भी आए थे। तब एक विचार यह भी था कि श्रीमहाकाल महाराज का दर्शन करने दुनिया भर से लाखों लोग आते हैं। यहां ऐसी रचना होनी चाहिए जहां लोग भगवान शिव की लीलाएं महाकाल प्रांगण में देख सकें।