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सांडों की नसबंदी: मध्यप्रदेश में बवाल के बाद आदेश वापस, प्रज्ञा बोलीं- देशी गोवंश को खत्म करने की साजिश थी

Thu, 14 Oct 2021 10:22 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल।

सार

भोपाल सांसद ठाकुर ने संदेह जताया कि देशी गोवंश को खत्म करने की साजिश के तहत सांडों की नसबंदी अभियान चलाया गया था।
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साध्वी प्रज्ञा ठाकुर - फोटो : ANI
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में सांडों की नसबंदी का आदेश अगले ही दिन निरस्त कर दिया गया। क्योंकि इस आदेश पर इतना बवाल हुआ कि राज्य पशुपालन विभाग को वापस लेना पड़ गया। भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर खुद ही इस आदेश के विरोध में उतर गईं। 

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भाजपा सांसद ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सांडों की नसबंदी की जा रही थी और उसका आदेश मुझे देखने में आया। मैंने तुरंत उस पर कार्रवाई की और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल को अवगत कराया और आज वो आदेश निरस्त हुआ।
उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि कहीं ने कहीं ये (सांडों की नसबंदी कराने का आदेश) कोई आंतरिक षड्यंत्र है और इसमें सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि देशी गोवंश को तो कभी कोई नष्ट नहीं कर सकता और करना भी नहीं चाहिए।’
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ठाकुर ने कहा कि ऐसे कैसे हुआ, यह जांच का विषय तो है। मैं इसमें मुख्यमंत्री जी से जांच करने के लिए आग्रह करूंगी कि जांच करवाइए और ऐसा कब से, क्यों और किसलिए हो रहा है? ये जो देशी गोवंश है, इसके साथ इतना अत्याचार क्यों? ऐसे आदेश दोबारा कभी न हों।
इस बीच, राज्य के पशुपालन विभाग ने बुधवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सांडों की नसबंदी अभियान रोकने के आदेश को साझा किया। पशुपालन विभाग के संचालक आर के मेहिया की ओर से जारी आदेश में विभाग के सभी उप संचालकों को कहा गया है कि चार अक्तूबर से शुरू हुए सांडों की नसबंदी का अभियान तत्काल रोक दिया गया है।
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