विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के महासचिव मिलिंद परांडे ने कहा कि जो कोई भी भगवान राम के खिलाफ गया उसका अंत हो गया। भाजपा के सहयोगी निषाद ने प्रयागराज में कहा था कि राजा दशरथ नहीं, बल्कि श्रृंगी ऋषि निषाद भगवान राम के पिता थे।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के महासचिव मिलिंद परांडे ने बुधवार को निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद की भगवान राम पर उनकी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए आलोचना की। और साथ ही उन्हें अपने स्वार्थी राजनीतिक हितों की सेवा के उद्देश्य से बकवास करार दिया।
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उन्होंने यह भी कहा कि जो कोई भी भगवान राम के खिलाफ गया उसका अंत हो गया। भाजपा के सहयोगी निषाद ने प्रयागराज में कहा था कि राजा दशरथ नहीं, बल्कि श्रृंगी ऋषि निषाद भगवान राम के पिता थे।
बाद में उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि भगवान राम निषाद समुदाय द्वारा पूजनीय हैं। ऋषि निषाद की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर परांडे ने मीडिया से कहा कि वह अपनी स्वार्थी राजनीति चलाने के लिए बकवास कर रहे हैं, लेकिन वह पौराणिक सत्यों से इनकार नहीं कर सकते। परांडे ने कहा कि निषाद की बातों से भगवान राम के प्रति करोड़ों लोगों की आस्था और आस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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विहिप नेता मिलिंद परांडे ने कहा, निषाद की राजनीति नहीं चलेगी। किसी भी व्यक्ति की पार्टी हो, जो भी रामजी के खिलाफ गया, वह खत्म हो गया। अगर उसके पास इतनी बुद्धि नहीं है, तो उसका भाग्य भी वही होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में ईसाई मिशनरी अवैध धर्मांतरण में शामिल हैं। विहिप नेता ने कहा, झाबुआ में कुछ सरकारी अधिकारी भी ईसाई मिशनरियों की मदद कर रहे हैं। हम अवैध धर्मांतरण में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।