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इंदौर: अस्पताल में मरीजों के परिजनों को वैक्सीन के दूसरे डोज के सर्टिफिकेट के बिना नहीं दिया जाएगा प्रवेश

Wed, 10 Nov 2021 07:26 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में सेकंड डोज लगवाने को लेकर मुहिम तेज हो गई है। कलेक्टर मनीष सिंह ने अस्पताल प्रबंधनों और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। 
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इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर जिले को कोरोना मुक्त बनाने के लिए वैक्सीन के शत प्रतिशत दूसरा डोज लगाने की कार्यवाही की जा रही है। जिला प्रशासन ने संकल्प लिया है कि 30 नवंबर तक जिले के सभी पात्र नागरिकों को कोविड वैक्सीन के शत-प्रतिशत सेकंड डोज लगवाए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न जन जागरण के कार्यक्रम तथा जिले के विभिन्न एसोसिएशन, रहवासी संघ, शिक्षकों एवं समाज के हर वर्ग के व्यक्ति से अपील की जा रही है कि वे प्रशासन की इस मुहिम में सहभागिता निभाएं। इसी क्रम में कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा बुधवार को डीएवीवी के ऑडिटोरियम में जिले के सभी शासकीय अस्पताल के अधीक्षक, निजी अस्पतालों के संचालक एवं प्रतिनिधि, सभी कमर्शियल एवं सहकारिता बैंकों के प्रतिनिधि, सहकारी रहवासी समितियों के सदस्य, फूड इंस्पेक्टर एवं उचित मूल्य दुकानों के संचालकों की बैठक ली गई। 
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इस दौरान राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे, डॉ. अनिल भंडारी, अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि इंदौर को शत-प्रतिशत वैक्सीनेट करने के लिए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा की जा रही है। जिन लोगों ने वैक्सीनेशन नहीं कराया है उनका वैक्सीनेशन कराने के लिए बीएलओ एवं एनजीओ द्वारा शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर रेगुलर सर्वे कराया जा रहा है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं पंचायत सचिव द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। इस मिशन को सफल बनाने के लिए चिकित्सकों की एक बहुत महती भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को बिना किसी तकलीफ या परेशानी पहुंचाएं उनके साथ आ रहे रिश्तेदारों को वैक्सीनेशन कराने के लिए रोको टोको अभियान चलाया जाए। इसके बाद भी यदि लोग वैक्सीनेशन नहीं कराते हैं तो उनको अस्पतालों में प्रवेश ना दिया जाए।  

सेकंड डोज के बिना बैंक में प्रवेश नहीं
कलेक्टर ने सभी अस्पताल के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी के एसओपी का पूर्ण ध्यान रखें। अस्पताल में स्टेट ऑफ आर्ट एमसीबी का प्रयोग किया जाए एवं लाइट में किसी तरह का शार्ट सर्किट न हो इसके लिए भी नियमित जांच कराई जाए। कलेक्टर ने बैंकों के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि 1 दिसंबर के बाद बैंक में किसी भी ग्राहक को कोविड-19 के सेकंड डोज सर्टिफिकेट के बिना प्रवेश नहीं दिया जाए। बैंक प्रतिनिधियों से प्राप्त हुए सुझाव पर कलेक्टर सिंह ने सहमति जताते हुए कहा कि जो व्यक्ति वैक्सीन के दोनों डोज लगा चुके हैं उनको बेहतर सुविधाएं प्रदान करते हुए ग्रीन चैनल बनाकर प्राथमिकता दी जाए।   
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