शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
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मध्यप्रदेश की 14 साल पुरानी लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार किया गया हैै। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 शुरू की। उन्होंने बताया कि इसमें लाड़लियों को कॉलेज में भर्ती होने पर 25 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी।
प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना एक अप्रैल 2007 को शुरू की गई थी। योजना की लाभांवित बालिकाओं को अब कॉलेज में एडमिशन लेने पर 25 हजार रुपये की स्कॉलरशिप मिलेगी। इसके अलावा डॉक्टरी यानी एमबीबीएस, इंजीनियरिंग यानी बीई और भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) व प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में पढ़ने वाली 'लाड़ली लक्ष्मी' की पूरी फीस अब राज्य सरकार भरेगी।
दरअसल, यह योजना उन बेटियों के लिए हैं जो योजना की हितग्राही होकर अगले तीन सालों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम बढ़ा सकती हैं। जब वे कॉलेजों में जाएंगी तो उन्हें आर्थिक परेशानी न हो इसलिए योजना का दायरा बढ़ाया गया है। पहले यह स्कूली शिक्षा तक ही सीमित थी।
लाड़ली लक्ष्मियों का करियर काउंसलिंग, ट्रेनिंग, कोचिंग, जन्म के समय प्रमाण पत्र, पोषण और टीकाकरण किया जाएगा। जिन गांवों में ज्यादा बेटियां होंगी, उन्हें 'बेटी फ्रेंडली' गांव घोषित किया जाएगा। निजी क्षेत्रों में रोजगार, पेशेवर प्रशिक्षण के अलावा उद्योग स्थापित करने वाली लाड़लियों को प्रशिक्षण से लेकर बैंकों से कर्ज दिलाने के इंतजाम भी सरकार करेगी।
योजना एक नजर में
- बालिका के जन्म से लेकर पांच सालों तक 6-6 हजार रुपये लाड़ली लक्ष्मी योजना निधि में जमा किए जाते हैं।
- जब बच्ची कक्षा छठी में प्रवेश लेती है तब उसे दो हजार रुपये, नवीं में प्रवेश लेती है तो चार हजार, 11वीं में प्रवेश लेने पर छह हजार, 12 वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर छह हजार रुपये दिए जाते हैं।
- अब लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में कॉलेजों में प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
- अंतिम भुगतान के रूप में एक लाख रुपये बालिका की उम्र 21 साल होने पर दिए जाएंगे। बशर्ते बालिका का विवाह 18 वर्ष की उम्र पूरी करने के पहले न हुआ हो।
- अब तक 39 लाख 81 हजार बालिकाएं लक्ष्मी योजना में पंजीकृत हो चुकी हैं।