फर्जी आईएएस संतोष वर्मा की मोहब्बत के किस्से अब पूरे मध्यप्रदेश में आम हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उसने अब तक चार महिलाओं को अपने प्यार के जाल में फंसाया, जिनमें उसकी नौकरानी भी शामिल है। इन युवतियों से उसने शादी भी की, लेकिन किसी को अपनी पत्नी का दर्जा नहीं दिया। दरअसल, वह शहर बदलते ही अपनी प्रेमिका भी बदल लेता था या यूं कह लीजिए कि नई तैनाती के बाद उसकी पहली तलाश 'नई मोहब्बत' होती थी। जांच में सामने आया है कि संतोष वर्मा की पोस्टिंग रीवा में सांख्यिकी अधिकारी के पद पर हुई तो उसने अपनी नौकरानी पर अपने इश्क का खुमार चढ़ा दिया। कहा जाता है कि उसने नौकरानी से शादी भी कर ली। हालांकि, कुछ समय बाद उसने नौकरानी को छोड़ दिया और संतोष वर्मा के रसूख के चलते वह कुछ नहीं कर पाई। कुछ समय बाद उसने दूसरी युवती को भी अपने जाल में फंसाया।
बताया जाता है कि संतोष वर्मा जब हरदा पहुंचा तो वहां भी एक युवती पर फिदा हो गया। फर्जी आईएएस ने इस युवती पर लाखों रुपये लुटाए, मगर शादी और रिश्ते को सार्वजनिक करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता थाने पहुंची और संतोष वर्मा के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। कहा जाता है कि इसी मामले के चक्कर में अटके प्रमोशन के लिए संतोष ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
गौरतलब है कि जब संतोष वर्मा की पोस्टिंग धार में हुई तो उसने इंदौर निवासी एक युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाया। यह युवती एलआईसी एजेंट थी। कुछ दिन बाद संतोष ने उससे शादी कर ली, लेकिन साथ रहने से इनकार करने लगा। युवती इससे भड़क गई और इंदौर के लसूड़िया थाने पहुंच गई। जब पीड़िता की शिकायत पर जांच शुरू हुई तो संतोष वर्मा के फर्जी आईएएस बनने की कहानी भी सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, हरदा निवासी युवती की शिकायत संतोष वर्मा की पदोन्नति के आड़े आ रही थी। ऐसे में उसने खुद को दोषमुक्त बताने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए और डीपीसी में लगाकर पदोन्नति हासिल कर ली। दरअसल, उसने सीबीआई और व्यापम के विशेष न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। बता दें कि राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोन्नत करने से पहले अधिकारी की जांच की जाती है। मामूली अपराध होने पर भी आईएएस अवॉर्ड रुक जाता है। ऐसे में संतोष वर्मा के खिलाफ केस लंबित होने की जानकारी डीपीसी को मिलती तो उसे अपने सेवाकाल में कभी आईएएस अवॉर्ड नहीं होता। ऐसे में उसने फर्जी आदेश बना दिया। बता दें कि पुलिस पूछताछ में संतोष वर्मा खुद पर लगे आरोपों को नकार रहा है। सूत्रों का दावा है कि एक-दो दिन में उस पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।